गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव गजौरा सुन्नगढ़ी निवासी मोहन सिंह की 22 वर्षीय पत्नी ममता ने दस अगस्त को गंजडुंडवारा सीएचसी में एक बेटे को जन्म दिया था। परिजन का आरोप है कि प्रसव के बाद काफी खून बहने के बाद भी स्टाफ ने ममता को रेफर करने में लापरवाही बरती। जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई तो जिला अस्पताल रेफर किया गया।
परिजन ममता को लेकर अस्पताल जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया था। इसके बाद परिजन शव लेकर सीएचसी पहुंचे और जमकर हंगामा किया था। मामले में सीएचसी अधीक्षक मुकेश यादव और तीन स्टाफ नर्स अलीश, बैबी व अर्चना यादव पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे थे।
सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आना होगा कलक्ट्रेट
मामले में डीएम मेधा रुपम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। जांच के लिए एसडीएम अंजली गंगवार की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। पीड़ित पक्ष के परिजन और सीएचसी स्टाफ के बयान दर्ज किया जा चुके हैं। इस घटना के संबंध में कोई भी व्यक्ति अपना पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता है तो उसे 26 अगस्त सुबह 10 से शाम 5 बजे तक का समय दिया गया है। वह जिलाधिकारी कार्यालय में अपना पक्ष रखने आ सकता है।