रविवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार पर विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों की शोभायात्रा 5251वें श्रीकृष्ण जनोत्सव के मौके पर निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसएसपी शैलेश पांडेय, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सचिव कपिल शर्मा, गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने किया।
उज्जैन के डमरू बने आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा में सबसे आगे हरियाणा से आई नगाड़ा बजाते कलाकरों की टोली चल रही थी। नगाड़ों की गूंजती आवाज आसपास के वातावरण को गुंजायमान करती रही। शोभायात्रा में कहीं बीन की धुन सुनने को मिली तो कहीं उज्जैन के डमरू की आवाज लोगों का ध्यान आकर्षित करती रही।
झांसी के कलाकारों ने राई नृत्य से बांधा समां
झांसी की महिला कलाकारों की टोली के राई नृत्य ने समां बांध दिया। एक ही वेशभूषा में महिलाओं की नृत्य प्रस्तुति ने राह चलते लोगों को रुकने के लिए मजबूर कर दिया। बांदीकुई के बहरूपिया लोगों को हंसाते हुए निकले। कामर के बम रसिया और राधाकुंड से आई टोली का संकीर्तन ने शोभायात्रा में भक्ति के रंग भर दिए।
बरसाना की टोली ने पेश किया अद्भुत नजारा
मान मंदिर बरसाना की बालिकाओं की टोली राधे के उच्च स्वरों के साथ नृत्य करते हुए अद्भुत नजारा प्रस्तुत कर रही थी। ब्रज के कलाकर रास, रसिया गायन करते हुए शोभायात्रा की शोभा बने। जहां विविध वेशभूषा में कलाकारों की अनेक टोलियां ने श्रीकृष्ण जनस्थान के साथ शहर के एक बड़े हिस्सा में लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।