बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी कक्षा नौ की छात्रा थी। गांव में पड़ोस में रहने वाले दो लड़के भी उसकी क्लास में पढ़ते थे। 26 अगस्त को छात्रा के माता-पिता जन्माष्टमी के त्योहार पर एक रिश्तेदार के घर गए हुए थे। छात्रा अपनी बड़ी बहन के साथ घर में थी।
पीड़ित पिता के मुताबिक दोपहर को उनकी बेटी कपड़े सूखा रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले दोनों लड़के जबरन उसे उठा ले गए। ईख में ले जाकर दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर बड़ी बहन मौके पर पहुंची तो आरोपी भाग गए। बड़ी बेटी ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी तो वह घर पहुंचे और आरोपियों के घरवालों से शिकायत की। पुलिस के मुताबिक छात्रा के साथ दुष्कर्म करने वाले दोनों आरोपी भी नाबालिग हैं।
रातभर समझौते का दबाव बनाते रहे आरोपियों के परिवारवाले
घटना की जानकारी पर जब वह घर पहुंचे तो उन्होंने आरोपियों के साथ उनके परिवार वालों को बुलवाया लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो चुके थे। उनके घरवालों से बातचीत करने के लिए आए थे। उनके साथ रातभर बातचीत हुई। इस दौरान वे समझौता करके मामला रफादफा करने का दबाव बनाते रहे। उन्होंने बताया कि जिस दिन बेटी ने आत्मदाह किया और वह गंभीर हालत में थी तब भी आरोपियों के परिवार वालों की ओर से उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा था।
बदनामी के डर से लगाई आग
परिजनों के मुताबिक घटना के बाद से ही छात्रा काफी गुमसुम थी। वह किसी से ज्यादा बात भी नहीं कर रही थी। मंगलवार सुबह जब पिता खेत पर चले गए तो उसने अपने ऊपर डीजल छिड़ककर आग लगा ली। परिवार वालों ने किसी तरह आग पर काबू पाया लेकिन वह 60 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गई थी। परिजन उसे लेकर बरेली के निजी अस्पताल पहुंचे लेकिन वहां डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन छात्रा को लेकर हायर सेंटर जा रहे थे। इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया।
घटनास्थल पर मिली एक आरोपी की चप्पल
पुलिस ने घटनास्थल से एक आरोपी की चप्पल बरामद की है। बतातें है कि छात्रा के शोर मचाने पर उसकी बड़ी बहन ईख में पहुंची तो आरोपी उसे देखकर भागने लगे। इसी दौरान हड़बड़ी में एक आरोपी की चप्पल खेत में छुट गई। पुलिस ने चप्पल अपने कब्जे में ले ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के 60 फीसदी तक जलने की बात सामने आई है, इसी वजह से उसकी मौत होना माना जा रहा है।