बदायूं की कोतवाली सहसवान में साल 2019 में तैनाती के दौरान दारोगा अमित चौधरी को पिस्टल और 10 कारतूस आवंटित किए गए थे। बाद में दारोगा का ट्रांसफर जनपद गोतमबुद्धनगर हो गया। सहसवान कोतवाली से रवानगी के समय दरोगा ने एनओसी तो जाम की मगर पिस्टल और कारतूस जमा करने का कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया। उस दौरान कोतवाली में तैनात रहे हेड मुहर्रिर गीतम सिंह ने भी इस मामले की किसी को जानकारी नहीं दी। इस वजह से इतने सालों तक यह मामला दबा रहा।
सेवानिवृत्त होने पर दूसरे हेड मुहर्रिर ने चार्ज लिया तो खुला मामला
जनवरी 2024 में हेड मुहर्रिर गीतम सिंह सेवानिवृत्त हो गए। उनकी जगह सुधीर सिंह को चार्ज सौंपा गया। सुधीर सिंह ने चार्ज लेने के बाद अभिलेख देखे तो पिस्टल और कारतूस गायब होने की बात पता चली। उन्होंने दरोगा को नोटिस भेजने के साथ ही मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। सीओ सहसवान ने मामले की जांच की। जांच में सीओ ने दारोगा और हेड मुहर्रिर को दोषी माना और एसएसपी को आख्या सौंपी। एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए।
दरोगा और हेड मुहर्रिर पर गबन के आरोप में रिपोर्ट
सहसवान इंस्पेक्टर सौरभ सिंह ने दारोगा अमित चौधरी और बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के मोहल्ला बालाजी नगर में रहने वाले सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबिल गीतम सिंह के खिलाफ सरकारी संपत्ति के गबन के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। गौतमबुद्धनगर एसएसपी को भी मामले की सूचना दी गई है।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि पिस्टल और कारतूस गायब होने के मामले में दारोगा और सेवानिवृत्त हेड मुहर्रिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अभी जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।