माला रेंज के जंगल में 30 अगस्त की रात शिकारियों ने दो चीतलों का शिकार किया था। गश्त करते हुए वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान आरोपी वनरक्षक की बंदूक भी छीनकर भाग गए थे। मामले की गजरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
रिछोला चौकी पुलिस को रविवार रात जंगल में शिकारियों के शिकार करने आने की सूचना मिली। वन कर्मियों के साथ पुलिस टीम जंगल में पहुंची तो फायरिंग की आवाज सुनाई दी। टीम मौके पर पहुंची तो करीब नौ लोग जंगल में बैठे हुए मिले। पुलिस को देखते ही शिकारियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग के दौरान पुलिस ने छह आरोपियों को दबोच लिया, जबकि उनके तीन साथी भाग निकले।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम सहारनपुर के तीतरो निवासी मंसूर खां, पीलीभीत के मोहल्ला भूरेखां निवासी मोहम्मद जीशान, न्यूरिया के राजा कॉलोनी निवासी सपन सरकार उर्फ काला, गांव गुलड़िया बिथरा निवासी गुरुविंदर सिंह उर्फ गिंदा पुत्र बलकार सिंह, न्यूरिया कॉलोनी निवासी विप्लव बाला उर्फ बिल्ला और उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के थाना धनकुईया के गांव बग्गा चौववन निवासी अब्दुल हकीम बताए।
पीलीभीत में तैनात है हेड कांस्टेबल, उसी ने लूटी थी बंदूक
आरोपी मंसूर खां हेड कांस्टेबल है। वह मौजूदा समय में पीलीभीत पुलिस लाइन में तैनात है। 30 अगस्त को आरोपियों ने जंगल में दो चितल का शिकार किया था। इस दौरान वनकर्मियों के घेराबंदी करने पर आरोपी भाग निकले थे। इस दौरान हेड कांस्टेबल पेड़ पर चढ़ गया था। उसे वनकर्मियों ने घेर लिया था। तभी मंसूर ने वनकर्मी से बंदूक छीनकर उन पर बटों से प्रहार किया था और बंदूक लेकर भाग गया था। आरोपियों के पास से वनकर्मियों से लूटी बंदूक, पौनिया, डबल बैरल गन, देसी बंदूक, लाइसेंसी रिवाल्वर, हिरन का सींग, मांस काटने के उपकरण आदि बरामद हुए हैं।
कई साल से कर रहे थे जंगल में शिकार
पुलिस के मुताबिक आरोपी कई सालों से जंगल में शिकार कर रहे थे। कुछ मीट अपने पास रखने के बाद वह बाकी मांस बेच देते थे। सींगों की तस्करी करते थे। आरोपी मंसूर इससे पहले बरेली में पीएसी बटालियन में तैनात था। वहां से भी वह शिकार करने के लिए पीलीभीत आता था। मामले में कुछ वनकर्मियों की साठगांठ भी सामने आई है। उनकी जांच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई होगी। एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि अन्य कर्मियों की संलिप्तता को लेकर अलग से जांच कराई जा रही है। फरार शिकारियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।