यूपी के जनपद लखीमपुर खीरी के गांव मिदनिया गढ़ी में रहने वाले राजन वर्मा ने लखीमपुर खीरी में ही पेठा बनाने का कारखाना लगाया था। पुलिस के मुताबिक वह अयोध्या में पेठा की सप्लाई करता था। इस दौरान उसकी मुलाकात सुनील गुप्ता नाम के सिपाही से हुई। सुनील गुप्ता ने अपनी तैनाती एसओजी में बताई थी। सुनील गुप्ता ने उसे पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर पांच लाख रुपये ठग लिए थे।
पुलिस के मुताबिक राजन कई महीने सुनील के साथ पुलिस लाइन में रहा। सुनील ने उसे दो-तीन महीने का वेतन भी दिया। बाद में ठगी का एहसास होने पर उसने उच्च अधिकारियों से शिकायत की तो उसे कुछ रकम सिपाही सुनील ने लौटा दी थी। बताते हैं कि अपने साथ हुई ठगी का बदला लेने के लिए उसने महिला पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना शुरू किया। उसने एक-एक कर कई महिला सिपाहियों को अपने जाल में फंसाकर दुष्कर्म किया और उनसे लाखों रुपये भी ऐंठ लिए।
पुलिस लाइन में रहकर सीखे पुलिसवालों के तौर तरीके
पुलिस के मुताबिक सुनील के साथ राजन कई महीने तक पुलिस लाइन में रहा। इस दौरान उसने पुलिस वालों के तौर तरीके सीख लिए। उसने खुद को सिपाही बताकर कई महिला पुलिसकर्मी को अपने जाल में फंसाकर दुष्कर्म किया। इस दौरान बरेली में तैनात एक महिला सिपाही से उसने शादी की तो उसे उसकी असलीयत पता चल गई तो उसने उसके खिलाफ दुष्कर्म और साढ़े 27 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
वर्मा सरनेम की सिपाहियों को बनाता था निशाना
राजन वैसे तो ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, उसने महज आठवीं तक ही पढ़ाई की है लेकिन वह बेहद शातिर है। वह सोशल मीडिया के जरिये ऐसी महिला पुलिस कर्मियों से संपर्क करके अपने जाल में फंसाता था, जिनका सरनेम वर्मा होता था। सोशल मीडिया के जरिये ही उसने बरेली में तैनात सिपाही को निशाना बनाया था लेकिन इस बार पोलपट्टी खुलने पर वह उल्टा फंस गया। हालांकि वह सिपाही से साढ़े 27 लाख रुपये ठगने में कामयाब रहा।
कार खरीदने के नाम पर कराया साढ़े 23 लाख का लोन
बरेली में तैनात महिला सिपाही को जाल में फंसाने के बाद राजन ने उससे शादी कर ली। फिर लखनऊ में प्लॉट खरीदने के नाम पर उससे 6 लाख रुपये ले लिए। इतना ही नहीं कार खरीदने के लिए महिला सिपाही के नाम पर साढ़े 23 लाख का लोन भी करा लिया। महिला सिपाही को उसकी हकीकत का पता चला तो उसने बरेली कोतवाली में उसके खिलाफ 13 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया।
लखीमपुर खीरी में दर्ज है कई मुकदमे
सीओ सिटी प्रथम पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक आरोपी के खिलाफ लखीमपुर खीरी में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है। वह इसी तरह 12 महिला पुलिस कर्मियों को अपना निशाना बना चुका है। हालांकि अन्य किसी भी महिला सिपाही ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। आरोपी के पास से उसके मोबाइल में पुलिस की वर्दी में कई फोटो मिले हैं। इन्हीं फोटो का इस्तेमाल वह महिला सिपाहियों को अपने जाल में फंसाने के लिए करता था।