सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के गांव चिड़ैयादाह में रहने वाले 32 वर्षीय रामप्रताप पत्नी ममता और दो बच्चों समेत पिता राजाराम के साथ रहते थे। राजाराम का अपनी बहू से अक्सर विवाद होता रहता था। कुछ दिनों से विवाद बढ़ गया था। इसी के चलते राजाराम कभी कभार ही घर आता था। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे राजाराम घर पहुंचा तो उसका बहू से फिर विवाद हो गया।
पत्नी से झगड़े के बीच पिता को समझाने पहुंचा था बेटा
ममता का आरोप है कि घर पहुंचते ही ससुर राजाराम ने गालीगलौज शुरू कर दिया। इस बात पर उन दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। शोर सुनकर रामप्रताप मौके पर पहुंचे और पिता राजाराम को समझाने का प्रयास किया तो वह रामप्रताप से झगड़ने लगा। इसके बाद राजाराम ने चाकू निकालकर रामप्रताप के पेट में घोप दिया। चाकू से कई वार करने पर रामप्रताप की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या की बात सुनकर पुलिसवाले रह गए दंग
बेटे की हत्या करने के बाद राजाराम सुनगढ़ी थाने पहुंचा और पुलिस कर्मियों से कहा कि उसने अपने बेटे की हत्या कर दी है। यह सुनकर पुलिसकर्मी दंग रह गए। पुलिस उसे हिरासत में लेकर घटनास्थल पर पहुंची तो वहां खून से लथपथ शव पड़ा मिला। सूचना पर एएसपी विक्रम दहिया ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने ममता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
राजाराम का बहू से बेवहज होता था विवाद
पुलिस को जांच में पता चला है कि राजाराम का बहू ममता से बेवजह विवाद होता रहता था। मंगलवार दोपहर हुए झगड़े के पीछे भी कोई खास वजह सामने नहीं आई। ग्रामीणों ने बतायाा कि राजाराम का पत्नी से भी झगड़ा होता था। इसी के चलते उसकी पत्नी ने भी आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद वह बाबा बन गया था। ममता के साथ भी उसने कई बार मारपीट की थी। रामप्रताप पत्नी को बचाने का प्रयास करता था तो राजाराम उसे भी पीटता था। इसी को लेकर एक महीने पहले ममता के मायके वाले पंचायत करने आए थे लेकिन वह उनसे ही भिड़ गया था। इसके बाद से राजाराम के रवैये में कोई फक्र नहीं आया।