सुमित विजयवर्गीय, कासगंज। महिला अधिवक्ता मोहिनी तोमर की हत्या के विरोध में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा है। बार एसोसिएशन ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक हत्यारे पकड़े नहीं जाते उनकी हड़ताल जारी रहेगी। मामले में पुलिस ने पति ब्रजतेंद्र सिंह तोमर की तहरीर पर अधिवक्ता मुस्तफा कामिल, असद मुस्तफा, हैदर मुस्तफा, सलमान, केशव मिश्रा निवासी सोरों और एडवोकेट मुनाजिर रफी निवासी बड्डूनगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी आरोपी कासगंज कोर्ट में वकालत करते हैं।
आरोपी काफी दिनों से मोहिनी को दे रहे थे धमकी
पति के मुताबिक मोहिनी 20-25 दिन से काफी परेशान रह रही थी। इस बारे में जब उन्होंने पूछा तो मोहिनी ने बताया था कि वह अधिवक्ता मुस्तफा कामिल के बेटों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पैरवी कर रही है। उन्होंने कामिल के बेटों की जमानत का विरोध किया है। इस वजह से आरोपी उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। कोर्ट में आते-जाते समय धमकाते हैं। मोहिनी ने 2018 हुए चंदन हत्याकांड में आरोपी अधिवक्ता मुनाजिर रफी की जमानत का भी विरोध किया था।
न्यायालय गेट से ही अगवा कर ले गए थे आरोपी
एफआईआर में मोहिनी के पति ने आरोप लगाया है कि जब वह मोहिनी को दो बजे न्यायालय गेट पर छोड़ कर आए थे। उसी दौरान आरोपियों ने अज्ञात व्यक्ति को भेजकर बहाने से मोहिनी को बुलवाया और अगवा करके ले गए थे। इसके बाद किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद रेखपुर पुल के पास नहर में शव फेंक दिया।
वकीलों ने मथुरा-बरेली हाईवे ढाई घंटे रखा जाम
मामले को लेकर बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन हंगामा चला था। गुस्साए वकीलों ने करीब ढाई घंटे तक मथुरा-बरेली हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया था। उन्होंने घटना का खुलासा होने तक न्यायिक कार्य बंद रखने का एलान किया है। वहीं कई सामाजिक संगठन भी सही खुलासे की मांग कर रहे हैं। एएसपी राजेश कुमार भारती के आश्वासन के बाद दोपहर करीब तीन बजे वकीलों ने जाम खोला। शाम को क्षत्रिय महासभा ने अधिवक्ताओं के साथ शहर के गांधी मूर्ति से कैंडल मार्च निकाला।
कई जिलों के अधिवक्ता भी पहुंचे कासगंज
महिला अधिवक्ता की हत्या से आक्रोशित कई जिलों के अधिवक्ताओं का गुट भी कासगंज पहुंच गया है। मैनपुरी से अधिवक्ताओं का एक गुट बृहस्पतिवार को कासगंज पहुंचा। लखनऊ से भी कई वरिष्ठ अधिवक्ता कासगंज पहुंच गए। कासगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश शर्मा, महासचिव चेतन चौहान, वरिष्ठ अधिवक्ता सतेंद्र पाल सिंह आदि का कहना है कि किसी भी हाल में तब तक न्यायिक कार्य नहीं किया जाएगा, जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती।
पहचान मिटाने के लिए डाला केमिकल
बुधवार देर रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने पूरी तरह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की है। मोहिनी के पति को मिली रिपोर्ट के अनुसार मोहिनी की हत्या बेरहमी से की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहचान मिटाने के लिए केमिकल डालने और शरीर व गर्दन के हिस्से को कुचलकर हत्या करने की बात सामने आई है।
क्या कह रहे अधिकारी
सीओ सिटी विजय राणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला अधिवक्ता की हत्या सिर कुचलकर करने की पुष्टि हुई है। अभी रिपोर्ट का अवलोकन पूरी तरह नहीं किया गया है। वहीं सीएमओ डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई है। अब तक केवल सिर कुचलकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। दुष्कर्म की पुष्टि के लिए स्लाइड तैयार कराई गई है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद सही स्थिति का पता चलेगा।