दो सितंबर को दोपहर करीब दो बजे न्यायालय गेट से अधिवक्ता मोहिनी तोमर लापता हो गई थीं। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो पति बीएस तोमर ने सदर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन देर शाम रजपुरा के पास गोहरा नहर में उनका अर्धनग्न शव उतराता मिला था।
हालांकि अब तक पुलिस इस बात का खुलासा नहीं कर सकी है कि महिला अधिवक्ता की हत्या के पीछे वजह क्या रही और किस तरह घटना को अंजाम दिया गया। हत्या में किस हथियार का प्रयोग किया गया। यह सभी राज अभी राज ही बने हुए हैं। एएसपी राजेश भारती ने बताया कि हत्या का कारण जल्द ही स्पष्ट कर दिया जाएगा। विवेचक गंभीरता से मामले की जांच कर रहे हैं।
पति ने छह आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराई थी रिपोर्ट
मामले में पुलिस ने पति ब्रजतेंद्र सिंह तोमर की तहरीर पर अधिवक्ता मुस्तफा कामिल, असद मुस्तफा, हैदर मुस्तफा, सलमान, केशव मिश्रा निवासी सोरों और एडवोकेट मुनाजिर रफी निवासी बड्डूनगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी आरोपी कासगंज कोर्ट में वकालत करते थे। इन सभी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
फरार चल रहे दो आरोपी गिरफ्तार
मोहनी तोमर हत्याकांड में आरोपी तीन अधिवक्ता और एक विधि छात्र को पुलिस गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है। अधिवक्ता केशव मिश्रा और मुनाजिर रफी फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में दबिशें दे रही थी। इन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
हत्या का कारण स्पष्ट न होने की वजह से शहर में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं परिजन और हिंदू संगठन पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस पर जानबूझकर हत्या का कारण स्पष्ट नहीं करने का आरोप लगाया जा रहा है। वहीं पुलिस अभी और कई राज छिपे होने का दावा कर रही है। उनका खुलासा होने के बाद ही असल वजह स्पष्ट करने की बात कह रही है।
कई बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस
इस मामले में एसपी अपर्ण रजत कौशिक का कहना है कि परिजन की तहरीर के आधार पर नामजद किए गए चार आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। फरार चल रहे दो अन्य आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। पुलिस कई बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है। सभी बिंदुओं के वर्कआउट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी