लखीमपुर खीरी में एसपी के आदेश पर रविवार देर शाम चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान सिंगाही कस्बे के मुख्य चौराहे पर चेकिंग कर रहे दरोगा ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामजी पांडेय की कार रोक ली। कस्बा बेलरायां निवासी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामजी पांडेय शनिवार को पार्टी के सदस्यता अभियान कार्यक्रम में भाग लेकर निघासन से लौट रहे थे।
सिंगाही चौराहे पर इकट्ठा भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़।
आरोप : पूर्व जिलाध्यक्ष हो तो जरूर कटेगा चालान
आरोप है कि सिंगाही चौराहे पर दो सिपाहियों ने पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामजी पांडेय की कार रोक ली। श्यामजी सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। इस पर सिपाहियों ने उनकी वीडियोग्राफी शुरू कर दी। इसी बीच वहां दरोगा राणा प्रताप पहुंच गए। उन्होंने श्यामजी की कार का चालान करने की बात कही। श्यामजी ने बताया कि वह भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं। यह सुनते ही दरोगा भड़क गया और कहा कि पूर्व जिलाध्यक्ष हो तो चालान जरूर होगा।
हंगामा होने पर चौराहे से खिसके पुलिसवाले
श्यामजी पांडेय और दरोगा के बीच कहासुनी होने के बाद सूचना मिलते ही तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे गए। कुछ ही देर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ चौराहे पर लग गई और हंगामा शुरू हो गया। भीड़ बढ़ते देख पुलिसवाले मौके से खिसक लिए। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह भदौरिया मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की मगर वे नहीं माने।
दरोगा को निलंबित करने की मांग पर अड़े भाजपाई
आक्रोशित कार्यकर्ता चालान काटने वाले दरोगा को निलंबित करने की मांग पर अड़ गए। इसे लेकर आधी रात तक हंगामा करते रहे। बाद में एसपी गणेश प्रसाद साहा ने पूर्व जिलाध्यक्ष से बात की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसपी ने इस मामले की जांच सीओ पलिया को सौंपी है।
एएसपी ने कहा- क्या जरूरत थी भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष बताने की
श्यामजी पांडेय का आरोप है कि जब उन्होंने कॉल करके मामले की शिकायत एएसपी पूर्वी पवन गौतम से की तो उन्होंने कहा कि आपको चालान करा लेना चाहिए था। पुलिस तो सरकारी काम कर रही थी। आपको भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष बताने की क्या जरूरत थी। इसके बाद मामला और तुल पकड़ गया।
प्रदेश संगठन तक पहुंचा मामला
भाजपा नेताओं ने मामले की शिकायत प्रदेश संगठन से की तो अफसर हरकत में आए और एसपी ने मामले की खुद कमान संभाली। पूर्व जिलाध्यक्ष से बात करके जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मामले की जांच सीओ से कराने की बात कही। इसके बाद हंगामा बंद हुआ।
एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि दरोगा से कार का चालान करने की बात को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष से कहासुनी हो गई थी। मामले की जांच सीओ पलिया को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एएसपी और पूर्व जिलाध्यक्ष के बीच क्या बातचीत हुई उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
चालान काटने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिपाही की कर दी थी पिटाई
पिछले साल नवंबर में चालान काटने पर भाजपा नेता ने कार्यकर्ताओं के मिलकर ट्रैफिक पुलिस के सिपाही की बुरी तरह पिटाई कर दी थी। सिपाही की तहरीर पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष समेत 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में ट्रैफिक पुलिस के सिपाही राणा प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सिपाही के मुताबिक वह हेड कांस्टेबल आनंदलाल साहू के साथ ओवरब्रिज के पास चैकिंग कर रहे थे। इस दौरान बाइक से आए एक व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर समझाया तो उसने फोन करके अपने 8-10 साथियों को बुला लिया। इनमें भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष राम पांडेय भी शामिल थे। इन लोगों ने अपने साथी सुमित पुरी और अमिय त्रिपाठी के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की।
वहीं भाजयुमो जिलाध्यक्ष राम पांडेय का कहना था कि ट्रैफिक सिपाही ने उनके कार्यकर्ता का चालान कर दिया था और इसके एवज में वह कार्यकर्ता से 2000 रुपये मांग रहा था। कार्यकर्ता ने रुपये देने से इन्कार किया तो अभद्रता करने लगा। इस पर कार्यकर्ता के कॉल करने पर वह मौके पर पहुंचे थे। जहां सिपाही उन पर हमलावर हो गया। उन्होंने सिपाही को पीटने के आरोपों को निराधार बताया था।