Friday, January 30, 2026

Bareilly News : नदियां कृषि कार्य, उद्योग और जीव-जन्तुओं के लिए बेहद उपयोगी : रामाशीष

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: September 10, 2024

Bareilly News : नदियां कृषि कार्य, उद्योग और जीव-जन्तुओं के लिए बेहद उपयोगी : रामाशीष
उन्होंने कहा कि यहां गंगाजल को ब्रह्मजल भी कहते हैं, नदियों में सर्वश्रेष्ठ नदी गंगा ही मानी गई है। इसका कारण इसके औषधीय गुण  हैं। गंगा गंगोत्री से एक पतली धारा के रूप में प्रवाहित होती है लेकिन जैसे-जैसे आगे बढ़ती हैं वैसे-वैसे अनेकों धाराओं के मिलने से गंगा सागर तक विशाल स्वरूप में  प्रवाहित होती है। 

उन्होंने कहा कि विशेष बात यह भी है कि सहायक नदी जब तक अलग बहती है उसका गुणतत्व अलग होता है लेकिन गंगा में मिलते ही वह औषधीय गुण युक्त हो जाती है। इतने युगों को पार कर आई गंगा आज हमारे समक्ष स्वच्छ स्वरूप में विद्यमान है तो इसका कारण हमारे वेद पुराणों में गंगा के सात्विक  आध्यात्मिक और पावन महत्व के वर्णन से है। 

भक्तिभाव की कमी से खत्म हो रही अविरलता
संगठन मंत्री रामाशीष ने कहा कि गंगा को लोकमाता कहा गया है। ऋषि मुनियों के प्रयास से गंगा की पावनता का संरक्षण किया गया लेकिन जैसे-जैसे समाज में भक्तिभाव की कमी आई भारतीय संस्कृति विकृत हुई वैसे-वैसे गंगा और अन्य नदियों की अविरलता व पावनता खत्म हो रही है। सभी नदियां प्रदूषण मुक्त करने के लिए गंगासमग्र संगठन के माध्यम से जन जागरण पहला कार्य है। दूसरा कार्य संगठन की मजबूती और गुणात्मक विस्तार है, जबकि तीसरा रचनात्मक कार्य के द्वारा समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना।

गंगाग्राम में अभियान चलाने की बनाई योजना
कार्यक्रम में गंगा नदी से पांच किलोमीटर तक की दूरी पर बसे गांव को गंगा ग्राम और सहायक नदियों से तीन किलोमीटर तक की दूरी पर बसे गांव गंगाग्राम के तहत चिह्नित किए गए। इस सभी गावों में गंगासमग्र की ईकाई बनाई जाएगी। संगठनात्मक दृष्टिकोण के द्वारा गंगा की स्वच्छता की चर्चा, वार्ता, आरती आदि की योजना बनाने को कहा गया। 

प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ पर हुई चर्चा
सरकार्यवाह राजपाल सिंह ने कहा कि बढ़ती आबादी और भोगवादी प्रवृत्ति से गंगा दूषित हुई है। अनियोजित विकास और श्रद्धा में विकृति के कारण गंगा और सहायक नदियां, यहां तक की पोखर तालाब भी प्रदूषित हुए हैं। गंगासमग्र को अविरल और निर्मल गंगा बनाए रखने के लिए सतत प्रयास की आवश्यकता है। 

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में ब्रज प्रांत संयोजक रविशरण सिंह, राष्ट्रीय शिक्षण आयाम प्रमुख राधाकृष्ण दीक्षित, सहसंयोजक  सीमा चौहान, हेमेंद्र शर्मा, डॉ. विमल भारद्वाज, अशोक तोमर, अमित शर्मा, संतोष, गीता सिंह, विजयलक्ष्मी आदि रहे। संचालन अशोक तोमर  ने किया, गंगागीत गीता सिंह ने, गंगा मंत्र  ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रस्तुत किया। सभी कार्यकर्ताओं को गंगासमग्र पुस्तक वितरित की गई।

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