Bareilly: BJP leader Sher Ali Jafri arrested : यूपी के बरेली में इज्जतनगर थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में स्थित खान मार्केट निवासी भाजपा नेता शेरअली जाफरी खुसरो कॉलेज के चेयरमैन हैं। उन्हें बेटे फिरोज अली जाफरी के साथ एसआईटी ने बुधवार को सीबीगंज थाने क्षेत्र के गांव सनईया रानी स्थित खुसरो इंटर कॉलेज से गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
धोखाधड़ी के शिकार हुए छात्रों ने 24 अगस्त को सीबीगंज थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, इसके बाद एसएसपी ने मामले की जांच के लिए एएसपी दक्षिणी मानुष पारिक के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। जांच में पता चला की शेरअली जाफरी और उसके बेटे ने 379 छात्रों को खुसरो कॉलेज में प्रवेश देकर उनसे 3 करोड़ 69 लाख रुपये की फीस वसूली और डी फार्मा की फर्जी डिग्री दे दी।
लाइसेंस और नौकरी के लिए आवेदन किया तो चला पता
डिग्री मिलने के बाद छात्रों ने इसके जरिये लाइसेंस और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया तो उन्हें डिग्री फर्जी होने के बारे में पता चला। इसके बाद छात्रों की ओर से सामूहिक रिपोर्ट सीबीगंज थाने में दर्ज कराई गई। इसके बाद एसएसपी ने जांच के आदेश दिए। एसआईटी ने कॉलेज प्रबंधक डॉक्टर विजय शर्मा को दिए गए पैसे का रजिस्टर, बैंक रसीद, छात्रों का प्रवेश रजिस्टर, बैंक स्टेटमेंट आदि अपने कब्जे में ले लिए हैं।
कई विश्वविद्यालयों के नाम पर जारी कीं फर्जी डिग्रियां
पूछताछ में आरोपियों ने एसआईटी को बताया कि वे छात्रों को छत्रपति शिवाजी साहू महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश, मदर हुड विश्वविद्यालय रुड़की उत्तराखंड की फर्जी डिग्रियां देते थे। यह डिग्रियां वे खुद फोटोशॉप का इस्तेमाल करके तैयार करते थे। इनमें कई ऐसे विश्वविद्यालयों के नाम पर डिग्रियां जारी कर दी गई, जो वजूद में ही नहीं हैं।
फर्जीवाड़े में कई और लोगों के शामिल होने का शक
एएसपी दक्षिणी मानुष पारिक ने बताया कि कॉलेज बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा था। छात्रों की शिकायत पर अब तक उसके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनका संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इस मामले में मनी ट्रेल समेत फर्जी डिग्री बनाने में शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी की जा रही है। इस फर्जीवाड़े में कई और लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
प्रत्येक छात्र से वसूलते थे 2.3 लाख रुपये फीस
शेर अली जाफरी ने बताया कि उन्होंने खुसरो इंटर कॉलेज की स्थापना की थी। कुछ समय बाद कॉलेज के पास ही जमीन खरीदकर खुसरो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी और खुसरो पैरा मेडिकल कॉलेज के नाम से फर्जी कॉलेज बनाया। यहां से छात्रों से 230000 रुपए की फीस वसूली जाती थी।
कॉलेज में नहीं लगती थी क्लास
कॉलेज में न फैकल्टी था और न ही क्लास लगती थीं। जब छात्र कॉलेज में पढ़ने के लिए आते थे तो उनसे कहा जाता था कि उनको परीक्षा में पास कर दिया जाएगा। जब छात्र परीक्षा देने आते थे तो उनसे कहा जाता था कि वह उनको डिग्रियां दे देंगे। उन्होंने कई छात्रों को सन 2021 में कॉलेज में प्रवेश देकर 2019 की डिग्रियां दी थीं।