मॉडल टाउन में श्रीहरि मंदिर चल रहे 64वें भक्ति ज्ञान वार्षिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और श्रीराधाष्टमी महोत्सव के समापन पर पंडित रामदेव शास्त्री ने राधा नाम महिमा से सत्संग की गंगा प्रभावित की। पानीपत से पधारीं गुरु कांता देवी हर मिल्लापी ने कहा कि प्रभु का सहारा ही सबसे प्यारा है। अधिकार प्रेम में होता है, संसार के बनोगे तो दुख सहोगे और भगवान के बनोगे तो सुख-दुख में कोई अंतर नहीं रहेगा। भगवान के चरणों की अनुभूति भी कल्याणकारी है।
उन्होंने कहा कि राधारानी परम दयालु, भक्त वत्सल है, अपने भक्तों पर सदैव कृपा करती है। जिस पर राधारानी कृपा करती हैं ,भगवान की कृपा स्वतः ही हो जाती है। भगवान को पाना है तो राधारानी के बन जाओ। आज बरसाने में मंगल गीत गाए जा रहे हैं, श्री राधारानी प्रकट हुई है। हर तरफ खुशियां ही खुशियां हैं, जो भगवान के महोत्सव को खुशी से मानता है उसके घर में मंगल उत्सवों की कभी कोई कमी नहीं रहती, भगवान की अपार कृपा होती है। "बज रही आज बधाई वृषभानु घर लली आई है ", संकट हरेगी करेगी भली बृजभानु की लली।
भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति पर राधामय हुआ मंदिर प्रांगण
हरमिल्लापी जी महाराज ने पुरस्कार देकर सभी को आशीर्वाद दिया। मंदिर समिति, सदस्यगण और सेवादारों को निहाल किया। धार्मिक सेवा समिति द्वारा भावपूर्ण प्रस्तुति बरसाना मोहे प्यारो लागे, तेरी बिगड़ी बना देगी चरण रज राधारानी की, करुणामय कृप्रमायी मेरी दयामयी श्रीराधे, लाडली अदभुत नजारा तेरे बरसाने में है, श्रीराधा प्रकट भाई आज बधाई बज रही आदि भजनों से श्रीहरि मंदिर प्रांगण राधामय हो गया।
भंडारे में दो हजार भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
अंत में श्रीहरि मंदिर प्रबंध समिति के सचिव रवि छाबड़ा ने आभार व्यक्त किया। समापन पर लगभग 20000 भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सतीश खट्टर, सुशील कुमार, संजय आनंद, गोविंद तनेजा, अनिल अरोड़ा, संजीव चांदना, मनोज अरोड़ा, नवीन अरोड़ा, मन मोहन सभरवाल, जुगल किशोर, राहुल भसीन, अमरजीत सिंह बग्गा, अश्वनी ओबेरॉय, योगेश ग्रोवर, जितिन दुआ आदि का सहयोग रहा।