दरअसल अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच काफी समय से जुबानी जंग चल रही है। दोनों एक दूसरे पर जमकर सियासी तीर छोड़ रहे हैं। कुछ समय पहले अखिलेश यादव ने बयान दिया था कि 2027 में सपा की सरकार बनते ही बुलडोजर का रुख गोरखपुर की तरफ हो जाएगा तो सीएम योगी ने इसके जवाब में कहा था कि हर किसी के हाथ पर बुलडोजर सेट नहीं होता। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने सीएम योगी को अलग पार्टी बनाकर बुलडोजर चुनाव चिह्न रखने की सलाह दी थी। इसके जवाब में रविवार को प्रदेश अध्यक्ष सपा प्रमुख पर जमकर बरसे।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा के सदस्यता अभियान को गतिशील बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सदस्यता अभियान को गति दे रही है। 25 अक्तूबर को सदस्यता अभियान की समाप्ति के साथ ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और भाजपा की सदस्यता लोगों को दिलाएंगे।
एक देश एक चुनाव से बचेगा समय
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक देश एक चुनाव से देश को फायदा होगा, जिससे पैसे की बर्बादी और समय भी बचेगा। इसलिए एक देश एक चुनाव हमारे देश के हित में है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का भावपूर्ण स्मरण किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना, जिलाध्यक्ष केसरी मिश्रा, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता समेत अन्य भाजपाई मौजूद रहे।