बरेली के बड़ा बाजार में सरेआम हाथ की सफाई दिखाते हुए पकड़ी गई तीनों महिलाएं आलीश, निशा और हिना, बारादरी थाना क्षेत्र के सहसवानी टोला की रहने वाली हैं। पूछताछ में तीनों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों या ऑटो में सवारी बनकर बैठकर लोगों के पर्स और जेवर उड़ा देती थीं।
बदायूं के परिवार पर हाथ साफ करते पकड़ी गईं
तीनों महिलाएं बड़ा बाजार में रविवार शाम बदायूं के एक परिवार के पर्स पर हाथ साफ करते पकड़ी गईं। बदायूं के मम्मन चौक में रहने वाले दानिश ने बताया कि रविवार को वह अपने परिवार के साथ बड़ा बाजार में शॉपिंग करने आए थे। खरीदारी करने के बाद शाम करीब पांच बजे सभी परिवार वाले ठेले पर मोमोज खा रहे थे। इसी दौरान तीनों ने वारदात को अंजाम दिया।
पलक झपकते ही पर्स से निकाल लिए 33500 रुपये
दानिश ने बताया कि ठेले पर मोमोज खाते समय तीनों महिलाएं उनके परिवार के पास आकर खड़ी हो गई। एक ने उनकी मां के पर्स की चेन खोलकर उसमें रखे 33500 रुपये निकाल लिए फिर अपने पीछे खड़ी दूसरी महिला को दे दिए। दूसरी महिला ने वह रकम तीसरी महिला को थमा दी और जाने लगी।
उन्होंने बताया कि इस दौरान उनकी मां को शक हुआ तो उन्होंने पर्स चेक किया तो रुपये गायब थे। दानिश ने शोर मचाया तो उनके चाचा इमरान हुसैन ने लोगों की मदद से तीनों महिलाओं को दबोच लिया। उनके पास से पर्स से निकाले गए रुपये बरामद हो गए। इसके बाद सूचना देकर तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
ईरिक्शा में महिला के उड़ाए थे सवा लाख के जेवर
तीनों महिलाओं को कोतवाली लाकर पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम आलीशा, निशा और हिना बताए। बताया कि तीनों आपस में रिश्तेदार हैं और अपने शौक पूरे करने के लिए चोरी करती है। कुछ दिन पहले ई रिक्शा में सवार महिला के जेवर भी तीनों ने पार किए थे, जिन्हें उन्होंने करीब सवा लाख रुपये में बेचा था। रकम तीनों ने आपस में बांट ली थी।
कोतवाली इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि तीनों महिलाओं के पास से रुपये बरामद हुए हैं। पूछताछ में उन्होंने चोरी की बात कबूल की है। तहरीर के आधार पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है।