Bareilly News : विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना दिया, इसमें विहिप नेताओं ने कहा कि भारत में अधिकांश मंदिरों, आश्रमों और धर्मशालाओं पर सरकार का नियंत्रण है। यह कार्य अंग्रेजों के समय हो रहा है ताकि इससे मिलने वाला धन अंग्रेज अपने काम में ले सकें। अंग्रेजों के बाद भी सरकार ने यह काम जारी रखा।
अधिकांश मंदिरों, धर्मशालाओं और आश्रमों पर सरकार का नियंत्रण होने के कारण इनसे मिलने वाला धन इन संस्थाओं के लाभ के काम में नहीं लगाया जाता। नौकरशाह और राजनेता इस धन का उपयोग अन्य कार्यों में करते हैं, जिसको लेकर काफी समय से मांग की जाती रही है।
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में कहीं भी धार्मिक स्थलों पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। सनातन के अनुयायियों में इसको लेकर गहरी नाराजगी है। राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में मांग की गई कि सरकारी नियंत्रण से सभी मंदिरों, धर्मशालाओं और आश्रमों को मुक्त किया जाए।
इसके अलावा पिछले दिनों आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में अशुद्ध प्रसाद वितरित किए जाने के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष संजय भदोरिया, पीलीभीत के जिलाध्यक्ष कृष्णा गंगवार, सौरभ चौहान, विनय प्रताप सिंह, नीरज कोचर, हिमांशु राठौर, अवनीश शर्मा, शुभम, हरिओम, अरविंद शर्मा, राजेश बाबू, अजय सक्सेना आदि मौजूद रहे।