बरेली। आंवला थाना क्षेत्र में 20 सितंबर की रात सराफा कारोबारी श्रीकांत पाटिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस को जांच में पता चला कि हत्या के पीछे बदायूं के बदमाशों का हाथ है।
रविवार रात पुलिस को बदमाशों के आंवला थाना क्षेत्र में एलपीएस स्कूल के पास होने की सूचना मिली। पुलिस ने बदमाशों की घेरबांदी की तो पुलिस को देख बदमाश बाइक मोड़कर भागने लगे लेकिन उनकी बाइक फिसल गई, इससे वे गिर गए।
पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें दरोगा रहमत अली गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश भी गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए बदमाश बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव इस्माइलपुर निवासी बजरुल और उझानी थाना क्षेत्र के गांव मानपुर निवासी लईक हैं।
जिला अस्पताल में भर्ती हत्या आरोपी।
चोरी करते वक्त टोका तो मारी गोली
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि 20 सितंबर की रात बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र के गांव दोदनगर का रहने वाला हसन और लईक आंवला कस्बा चौकी के पास एक मकान का ताला तोड़ रहे थे। बजरुल पास में ही खाली प्लाट में खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। इसी दौरान व्यापारी श्रीकांत पाटिल ने उन्हें टोक दिया। इस पर बजरुल ने श्रीकांत पर फायरिंग कर दी। इलाज के दौरान श्रीकांत की मौत हो गई।
बजरुल पर 24 और लईक पर 7 मुकदमे हैं दर्ज
पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों बदमाश शातिर अपराधी हैं। बजरुल के खिलाफ दिल्ली, बदायूं और बरेली के विभिन्न थानों में 24 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि लईक के खिलाफ बदायूं और बरेली में संगीन धाराओं में 7 मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।