जिले में सियार के हमले करीब दो महीने पहले शुरू हुए। पहली घटना पूरनपुर तहसील के गांव जादौंपुर में हुई। जहां सियार ने दो बच्चों पर हमला किया था। इसके बाद पूरनपुर, जहानाबाद, बरखेड़ा में घटनाएं हुईं। अब तक सियारों के हमलों में 30 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।
शुक्रवार रात जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर में सियार ने 59 वर्षीय हरचरण पर हमला कर दिया। इसके बाद गांव के केदारनाथ (42) और चंदन (35) पर हमला किया। एक के बाद एक हमले से गांव में भगदड़ मच गई। ग्रामीण परिवार सहित घरों में दुबक गए। अधिकांश ग्रामीणों ने रात जागकर गुजारी। इसके बाद हमला नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने सोचा कि सियार चला गया होगा।
शनिवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीण रोजमर्रा के काम निपटाने घरों से निकले। तभी सियार ने शंकरलाल की बेटी खुशबू पर हमला कर दिया। कुछ देर बाद सियार ने कैलाश चंद्र (42), ज्ञान स्वरूप (65) और रामेश्वर दयाल (36) पर हमलाकर उन्हें भी घायल कर दिया।
जहानाबाद क्षेत्र के ही गांव बरातबोझ में सियार ने पूरनलाल की पत्नी प्रेमवती (55) और परमेश्वरी की पत्नी रेखा देवी पर हमला कर दिया। सियार के हमले की सूचना सामाजिक वानिकी प्रभाग को दी गई। इसके बाद घायलों को जहानाबाद सीएचसी ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। सूचना पर सामाजिक वानिकी प्रभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
दो महीने पहले भी जहानाबाद में हुए थे हमले
जहानाबाद क्षेत्र के गांवों में सियार के हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। सात अगस्त को सियारों ने जहानाबाद क्षेत्र के गांव सुस्वार और पंसोली में आठ लोगों को हमलाकर घायल कर दिया था। गुस्साए ग्रामीणों ने उसी दिन शाम को सियार को पीट-पीटकर मार डाला था। हालांकि वन महकमे ने सियार की मौत की पुष्टि नहीं की थी। करीब साल भर पहले भी सियारों ने क्षेत्र के 13 लोगों को घायल कर दिया था।
घायल ग्रामीणों से मिले राज्यमंत्री
गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने शनिवार रात मेडिकल कालेज पहुंचकर सियार के हमले से घायल हुए ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने राज्यमंत्री से सुरक्षा की मांग की। राज्यमंत्री ने डीएम संजय कुमार सिंह से फोन पर बात कर गांव में सुरक्षा व्यवस्था कराने के लिए कहा।
सामाजिक वानिकी प्रभाग के डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना ने बताया कि जानकारी प्राप्त होने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया था। टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि घर से लाठी-डंडे लेकर निकलें।