चीनी दूतावास ने एक बयान जारी कर बताया कि पोर्ट कासिम इलेक्ट्रिक पावर लिमिटेड कंपनी के चीनी कर्मचारियों को ले जा रहे काफिले पर देर रात करीब 11 बजे हमला हुआ, जिसमें दो चीनी नागरिक मारे गए और एक अन्य घायल हो गया।
बताया कि इस हमले में पाकिस्तानी नागरिक भी घायल हुए हैं। प्रांतीय गृह मंत्री जिया उल हसन ने स्थानीय टीवी चैनल जियो को बताया कि विस्फोट विदेशियों को निशाना बनाकर किया गया था। पाकिस्तान में हजारों चीनी कर्मचारी हैं, जिनमें से अधिकतर कर्मचारी चीन की अरबों डॉलर की बेल्ट एंड रोड के लिए काम कर रहे हैं जो दक्षिण और मध्य एशिया को चीनी राजधानी से जोड़ने के लिए शुरू की गई है।
हमले के वीडियो में कारों से आग की लपटें और घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता दिखाई दे रहा है। घटनास्थल पर भारी संख्या में सैन्यकर्मी तैनात थे और इस इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया है। चीन के बयान में विस्फोट को आतंकवादी हमला बताया गया है और कहा गया है कि चीन इसके बाद की स्थिति से निपटने के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहा है।
चीन ने इस हमले की गहन जांच किए जाने की मांग की है ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके और पाकिस्तान में चीनी नागरिकों से सुरक्षा संबंधी सावधानी बरतने को कहा है। बयान में कहा गया कि पाकिस्तान में चीनी दूतावास और महावाणिज्य दूतावास इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं (और) दोनों देशों के निर्दोष पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
उप महानिरीक्षक (पूर्वी) अजफर महेसर ने मीडिया को बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि एक तेल टैंकर में विस्फोट किया गया। उन्होंने कहा कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह विस्फोट किस तरह और क्यों किया गया। घायलों में पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। नागरिक उड्डयन विभाग के एक कर्मचारी राहत हुसैन ने बताया कि विस्फोट इतना भीषण था कि हवाई अड्डे की इमारतें हिल गईं।