बरेली, जागरण टुडे संवाददाता
बरेली कॉलेज के पश्चिमी गेट और सिकलापुर चौराहे के बीच एक चालक और उसके गैंग की महिलाओं ने मिलकर टेंपों में सवार महिला के गले से सोने की चेन लूट ली। महिला को इसकी जानकारी सिकलापुर चौराहे पहुंचकर टेंपो से उतरने के बाद हुई। उनके पति ने चौराहे पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस कर्मियों से शिकायत की तब तक चालक और उसके साथ की महिलाएं टेंपो लेकर फरार हो गए। पीड़ित दंपति मुरादाबाद के रहने वाले हैं, जो अपने रिश्तेदारी में सुरेश शर्मा नगर होली मिलने आए थे।
मुरादाबाद के कटघर मोहल्निले के रहने वाले हैं पीड़ित दंपती
मुरादाबाद के मोहल्ला कटघर निवासी ज्ञानेश कुमार शर्मा की बरेली में पीलीभीत बाईपास रोड स्थित सुरेश शर्मा नगर कॉलोनी में रिश्तेदारी है। रविवार को ज्ञानेश शर्मा और उनकी पत्नी होली मिलने के लिए सुरेश शर्मा नगर आए थे। शाम को घर वापस लौटने के लिए दंपति सैटलाइट बस स्टैंड पहुंचे। वहां उन्हें मुरादाबाद जाने वाली बस नहीं मिली तो पुराने रोडवेज जाने के लिए टेंपो में बैठ गए।
बरेली कॉलेज गेट और सिकलापुर के बीच हुई वारदात
बरेली कॉलेज गेट के सामने चौराहे पर पहुंचे तो तीन-चार महिलाएं उसी टेंपो में बैठ गईं, जो टेंपो चालक के गैंग की थीं। वहां से टेंपो रवाना होते ही एक लड़की ज्ञानेश की पत्नी के ऊपर गिर गई। बहाना उसके बीमार होने का किया। उनके झांसे में आकर ज्ञानेश और उनकी पत्नी उस लड़की को संभालने में लग गए। तभी उनमें एक ने ज्ञानेश की पत्नी के गले से सोने की चेन तोड़ ली। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई जब सिकलापुर चौराहे पहुंचकर दोनों टेंपो से उतरे। गले से चेन गायब देख पत्नी ने ज्ञानेश को बताया।
पुलिस के सामने मौके से फरार हो गए लुटेरे
उन्होंने चौराहे पर खड़े ट्रैफिक पुलिस कर्मियों से चेन गायब होने के बारे में बताया। मगर तब तक चालक और उसके गैंग की महिलाएं टेंपो लेकर भाग चुके थे। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने पीड़ित दंपति को कोतवाली भेज दिया। ज्ञानेश शर्मा ने कोतवाली जाकर घटना की सूचना दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस उन्हें साथ लेकर मौके पर गई और वहां आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इस दौरान फुटेज में टेंपो की लोकेशन और उसमें सवार महिलाओं के चेहरे दिखाई दिए। मगर टेंपो का नंबर नहीं दिखा।
पीड़ित दंपति ने कोतवाली में तहरीर दी
इसके बाद ज्ञानेश शर्मा और उनकी पत्नी दोबारा कोतवाली गए और घटना की तहरीर दे दी। तहरीर देने के बाद पीड़ित दंपति कोतवाली से चले गए। मगर देर शाम तक लुटेरों का कुछ पता नहीं चल सका।