बदायूं। जनपद बदायूं के आईपीएस केवल खुराना की जन्मतिथि पर उनकी स्मृति में मंगलवार को श्री सनातन धर्म सभा की ओर से गुरुद्वारा हाल जोगीपुरा में यादें-केवल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शामिल हुए कवियों, शायरों, साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने केवल खुराना को श्रद्धांजलि अर्पित की। अध्यक्षता देहरादून से आए शायर अंबर खरबंदा ने की।
अधिकारी होने के साथ अच्छे साहित्यकार भी थे केवल खुराना: एसएसपी
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. ब्रजेश सिंह ने कहा कि केवल खुराना अच्छे पुलिस अधिकारी होने के साथ-साथ एक अच्छे साहित्यकार भी थे। पुलिस परिवार हमेशा उनके परिवार के साथ है।
बदायूं ने खो दिया अनमोल हीरा: महेश चंद्र गुप्ता
सदर विधायक महेश गुप्ता ने कहा कि केवल खुराना के रूप में बदायूं ने एक अनमोल हीरा खो दिया है। बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने कहा कि जो संसार में आया है उसका इस संसार से विदा होना निश्चित है, लेकिन जब कोई अपना असमय चला जाता है तो मन को अधिक पीड़ा होती है।
मृदुभाषी और सरल स्वभाव के थे केवल खुराना: राजीव सिंह बब्बू
दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह उर्फ बब्बू भैया ने कहा कि खुराना परिवार से मेरा संबंध तीन पीढ़ियों से रहा है। केवल खुराना मृदुभाषी और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्हें केवल खुराना पितातुल्य सम्मान देते थे।
पूरे जनपद की पहचान थे केवल खुराना: सूचना आयुक्त
सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता ने कहा कि‘केवल’खुराना परिवार के ही सदस्य नहीं, बल्कि पूरे जनपद की पहचान थे, ऐसे व्यक्ति का जाना एक अपूर्णीय क्षति है। लोग उन्हें चिरकाल तक याद रखेंगे।
आईजी केवल खुराना की याद में कवियों ने पेश की कविताएं
महेश मित्र ने कविता पढ़ी-
वह अच्छे इंसान थे, अच्छे रहे उसूल। उन्हें समर्पित कर रहे, हम श्रद्धा के फूल।
उमाशंकर राही ने पढ़ा -
परमपिता से यही प्रार्थना, जहां रहो खुशहाल रहो। जन्म दूसरा मिले जहां भी, भारत मां के लाल रहो।
मुजाहिद नाज़ ने पढ़ा-
कहां जा छुपा है तू केवल खुराना, तेरे ग़म में डूबा है तेरा घराना।
सतीश चन्द्र शर्मा सुधांशु ने पढ़ा-
लाल खुराना जी का 'केवल', केवल उनका मान नहीं था, केवल नहीं बदायूं का ही, 'केवल' भारत का गुमान था
शम्स मुजाहिदी ने पढ़ा-
तेरी याद दिल में है केवल खुराना, कि मुमकिन नहीं है तुझे भूल जाना।
कामेश पाठक ने पढ़ा -
सबको प्रेरणा देने वाला, प्रेरणादायी काम रहेगा। यादों के पृष्ठों पर अंकित, अब केवल का नाम रहेगा।
अरविंद धवल ने पढ़ा -
आओ हम स्मृतियों का वंदन कर लें, श्रद्धांजलि का शब्द शब्द चंदन कर लें।
तुमसे गर्वित है जनपद का जन-गण-मन, आओ उन सुधियों का आराधन कर लें।
राजवीर सिंह तरंग ने पढ़ा-
केवल खुराना याद बहुत आ रहे हो तुम, खुशबू से दिल के बाग़ को महका रहे हो तुम।
विजय कुमार सक्सेना विजय ने पढ़ा-
'केवल' केवल है नहीं, आज हमारे बीच, भाव ह्रदय में आज भी, उन्हें रहे हैं खींच।
कार्यक्र में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान डा. रामप्रकाश पथिक, रामबहादुर व्यथित, डा. कमला माहेश्वरी, कुमार आशीष, भारत शर्मा राज, चन्द्रपाल सिंह सरल, डा. गीतम सिंह, संजीव रूप, सुखदेव पांडेय, महाराज सिंह, शरद कुमार, विजय निर्वाध ने काव्यात्मक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन भूराज राजलायर ने किया।