पूर्वांचल के कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी का नया ठिकाना कासगंज जेल है। गाजीपुर जेल में बुरा बर्ताव किए जाने के प्रार्थना पत्र पर अपर न्यायधीश प्रथम एमपी/एमएलए कोर्ट शक्ति सिंह की अदालत ने उसे कासगंज जिला जेल में स्थानांतरित करने आदेश जारी किया था। उसे कड़ी सुरक्षा में शनिवार को कासगंज जेल में लाया गया। उमर अंसारी परिवार का कासगंज जेल में पहले से ही नाता रहा है। इससे पहले उमर अंसारी का बड़ा भाई अब्बास अंसारी कासगंज जेल में रहा था।
मां के फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में एक अगस्त से जेल में है उमर अंसारी
दरअसल मुख्तार के छोटे बेटे बेटे उमर अंसारी ने कोर्ट में अधिवक्ता लियाकत अली के जरिए अर्जी दाखिल की थी, जिस पर उसने अपनी मां 50 पचास हजार की इनामी आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर किए थे। मामला प्रकाश में आने पर मुहम्मदाबाद कोतवाली में उमर अंसारी और उसके अधिवक्ता लियाकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उमर को एक अगस्त को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
बड़े भाई ने गाजीपुर जेल प्रशासन पर लगायें आरोप
बड़े अब्बू और पूर्व विधायक शिवगतुल्लाह अंसारी ने उमर अंसारी के जेल में बंद होने को लेकर मीडिया के सामने एक बड़ा बयान मीडिया दिया था, और एक अर्जी न्यायालय में दाखिल की थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि जेल में उमर अंसारी के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है। आरोप है कि जमीन से जुड़े एक मामले में फर्जी दस्तखत का आरोप लगाकर बिना सिग्नेचर एक्सपर्ट की जांच और बिना किसी प्रमाण के जेल भेज दिया गया। उन्होंने यह भी कहा विरोधियों को दबाने के लिए सरकार ऐसे कदम उठा रही है। उमर अंसारी को बिल्कुल तन्हाई में रखा गया है। बड़े अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है। इसलिए उसे कासगंज जेल में शिफ्ट किया जाना अति आवश्यक है। इसलिए शनिवार को गाजीपुर से कड़ी सुरक्षा में उमर अंसारी को कासगंज जेल लाया गया।