उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक चुनाव के दौरान वोट चोरी का मुद्दा गर्माया हुआ है। समाजवादी पार्टी के नेताओ ने शनिवार को कासगंज जिले की पटियाली तहसील में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, और चुनाव आयुक्त को ज्ञापन भेजकर वोट चोरों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। साथ ही सपा नेताओं ने वोटों की चोरी को लोकतंत्र का हनन बताया।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने वोटों की चोरी का आरोप लगाकर किया प्रदर्शन
पटियाली तहसील में समाजसेवी और एडवोकेट अब्दुल हफीज़ गांधी के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने तहसील पटियाली जाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उपजिलाधिकारी पटियाली प्रदीप कुमार विमल से मुलाकात की और मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन बिहार में संचालित स्पेशल इंटेनशिप रिवीजन प्रक्रिया के विरोध में दिया गया। ज्ञापन में सपाइयों ने लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन और मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साज़िश बताया है। ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई कि बिहार में मतदाता सूची से लाखों नामों को हटाने की इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की मांग की गई है। हटाए गए मतदाताओं की पूरी सूची तथा हटाने के कारण सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
इस अवसर पर अब्दुल हफीज़ गांधी एडवोकेट एवं समाजसेवी ने कहा कि यह प्रक्रिया वोटरों की संगठित चोरी है। यह लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है। गरीब, दलित, अल्पसंख्यक और हाशिए पर खड़े वर्गों को सुनियोजित तरीके से मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। चुनाव आयोग को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने का माध्यम बनना चाहिए।
जिला उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी कासगंज लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा बिहार में चल रही यह प्रक्रिया केवल राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए की जा रही है,यदि इसे रोका नहीं गया तो भविष्य में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी यही असंवैधानिक प्रयोग किया जाएगा। हम इस प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करते हैं और निर्वाचन आयोग से मांग करते हैं कि इसे तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
पटियाली बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट कुंवरपाल सिंह यादव ने कहा किसी भी नागरिक का मताधिकार छीनना संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लंघन है। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कारणों का पारदर्शी ढंग से सार्वजनिक होना आवश्यक है। न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर दीपक यादव एडवोकेट, मोहम्मद शाहिद, राज बहादुर यादव, विनीत सविता, अवनीश शाक्य एडवोकेट, नदीम अहमद, रमन सिंह लोनिया, वसीम सैफी, नफीस खान, प्रशांत यादव एडवोकेट सहित अनेक साथी मौजूद रहे।