लड़की पक्ष ने आर्थिक तंगी के चलते मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटी की शादी की। मगर शादी के 20 दिन बाद ही ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये मांगने लगे। दहेज दहेज की मांग पूरी नहीं हुई तो पीड़िता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इससे शादी के महज ढाई माह में ही रिश्ता टूटने के कगार पर पहुंच गया। परेशान होकर पीड़िता ने मीरगंज थाने में तहरीर दी, लेकिन तहरीर दिए जाने के पांच दिन बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
शादी के 20 दिन बाद ही दहेज मांगने लगे पीड़िता के ससुराल वाले, पुलिस नहीं लिख रही रिपोर्ट
बरेली जिले में मीरगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव सिंधौली निवासी आरोही पुत्री हरिओम के मुताबिक उसकी शादी मुख्यंमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना के तहत आयोजित समारोह में 30 मई 2025 को गांव भैरपुरा (काशीनाथपुर ) निवासी सतीश पुत्र तुलाराम के साथ हुई थी। हालांकि आरोपी के पिता ने अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज देकर बेटी को विदा किया। आरोही का आरोप है कि विवाह के 20 दिन बाद ही पति सतीश, सास सावित्री, ससुर तुलाराम और देवर, ननद आदि ससुराल पक्ष के लोग मायके से दहेज में एक लाख रुपये लाने का दबाव बनाने लगे।
एक लाख रुपये हों तभी घुसना घर में
आरोही ने उनकी बात मानने के बजाय असमर्थता जताई तो उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे लात घूसों से बेहरहमी से पीटा। आरोही का यह भी आरोप है कि 09 जुलाई 2025 को उसका भाई उसे बुलाने गांव भैरपुरा काशीनाथपुर पहुंचा तो उसके ससुराल वालों ने साफ कह दिया कि एक लाख रूुपये लेकर आना, तभी इस घर में रह पायेगी। इसकी कहीं शिकायत की तो उसे जान से मार देंगे।
इसके बाद पति सतीश गांव सिंधौली गया और उसकी बहन को झांसे में लेकर उससे 10 हजार रुपये ले गया। इस मामले में मीरगंज कोतवाली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ 18 अगस्त को तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने अभी तक मुकददमा दर्ज नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच उपरांत मुकदमा दर्ज किया जायेगा।