योगी सरकार गोवंश के संरक्षण पर हर माह करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। गोवंश रखने के लिए हर जिले में गोशाला और गोरक्षण केंद्रों का निर्माण किया गया है। मगर सिस्टम में खामी के चलते गोवंश सड़कों पर भटक रहे हैं। अवारा घूमने वाले गोवंश लोगों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। जनपद बरेली के मीरगंज विकास खंड इलाके में सड़कों पर घूमने वाले गोवंश से टकराने पर लोगों की जान जा रही है। शनिवार को सांड़ से बाइक टकराने पर पिता-पुत्र घायल हो गए।
सांड़ के टक्कर मारने से बाइक सवार पिता-पुत्र घायल
मीरगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नगरिया सादात निवासी सफदर पुत्र अफसर कार मिस्त्री हैं। सफदर अपने 08 वर्षीय पुत्र उजैन के साथ शनिवार देर शाम मीरगंज कस्बा से अपने गांव नगरिया सादात लौट रहे थे। तभी कस्बे में लगने वाली साप्ताहिक बाजार के सामने गोवंश के झुंड में शामिल एक सांड़ ने सफदर की बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनकी बाइक सड़क पर गिर गयी और सफदर गंभीर घायल हो गये। उनके बेटे को गुम चोटे आयी हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर सफदर को गंभीर हालत में बरेली के एक निजी अस्पताल भिजवा दिया। इसका पता लगने पर परिवार वाले भी अस्पताल पहुंच गए।
दो दिन पहले गोवंश से टकराकर युवक की हुई थी मौत
बुधवार देर रात गांव हल्दी कला की गौंटिया निवासी सुनील कुमार अपने साथी महेंद्र के साथ बाइक पर दावत खाने के बाद अपने गांव वापस लौट रहे थे। तभी मीरगंज इलाके में हाईवे पर नल नगरिया अड्डे के समीप सांड से बाइक टकराने पर सुनील की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनका साथी महेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गये थे, जिका अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इससे पहले भी सड़कों पर आबारा घूमने वाले पशुओं के कारण तमाम दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, और कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा जंगल में घूमने वाले गौवंश खेतों में किसानों की फसलें तो बर्बाद कर रहे हैं।
गोवंश को लेकर आंखें मूंदे बैठा सिस्टम
गोवंश के आवारा घूमने के कारण तमाम घटनाएं होती रहती हैं। मगर इन गोवंश के संरक्षण एवं संबर्धन हेतु इन्हें पकड़कर गोशाला पहुंचाने से जिम्मेदार कतराते रहते हैं। तरह-तरह के बहाने बनाकर अपनी जिम्मेदारी से तल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे किसान बर्बाद हो रहे हैं। तमाम लोग मौत के आगोस में समा चुके हैं।