कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने सोमवार को विकास भवन में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में जीडीपी बढ़ाने के लिए मंडल के जिलाधिकारियों और अन्य अफसराें के साथ मंथन किया। उन्होंने सड़कों का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।
मंडलीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने वन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने और देश की जीडीपी बढ़ाने के लिए बरेली मंडल के प्रत्येक जनपद के योगदान की समीक्षा की और जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) पर चर्चा की। समीक्षा में पाया कि चीजों का उत्पादन तो बढ़ रहा है, लेकिन उत्पादकता कम हो रही है। जैसे खाद्यान्न में उत्पादन बढ़ रहा है लेकिन उत्पादकता कम हुई। दालों के उत्पादन में बरेली आगे है लेकिन गन्ने का उत्पादन घटा है, जिस पर कमिश्नर ने उत्पादकता कम होने पर सभी सीडीओ को समीक्षा कर सुधार करने के निर्देश दिए।
वहीं कमिश्नर ने नई सड़कों के निर्माण कार्य की समीक्षा में पाया कि मंडल में 177 सड़कें 504 किमी की बननी थीं, जिसमें से 118 सड़कों का कार्य पूरा हुआ है। अभियोजन के कार्यों की समीक्षा में निर्देश दिए कि जितने तामिला व सम्मन जारी हो रहे हैं, उसके सापेक्ष गवाहों की उपस्थिति काफी कम है। कारणों की जांच कराएं, जो सरकारी गवाह पक्षद्रोही हो रहे हैं, उसकी जानकारी विभाग और जिला मजिस्ट्रेट को भी दें। धान खरीद की समीक्षा में बताया कि इस वर्ष के लिए मिलों से 205 आवेदन प्राप्त हुए, पंजीकृत राइस मिलें 170 हैं। पंजीकरण के लिए 35 मिलें अवशेष हैं।
अनुमोदित क्रय केंद्र 408 हैं। क्रय केंद्र खोलने का लक्ष्य 405 है। कमिश्नर ने जिन चिकित्सा संस्थानों पर संस्थागत प्रसव की सुविधा शुरू नहीं हुई, वहां गति लाने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त प्रदीप कुमार, अपर आयुक्त न्यायिक प्रीति जायसवाल, डीएम बरेली अविनाश सिंह, बदायूं अवनीश राय, शाहजहांपुर धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, सीडीओ देवयानी, कार्यदायी संस्थाओं सहित मंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पीलीभीत की गोशालाएं कैमरे युक्त, बरेली सहित तीन जिलों में नहीं लगे
कमिश्नर ने निराश्रित गोवंश संरक्षण और गोशाला निर्माण की समीक्षा की। जिसमें बताया कि मंडल में 627 पशु आश्रय स्थल हैं, जिनमें वर्तमान में पोर्टल के अनुसार 66389 गोवंश संरक्षित हैं। गोवंशों को रात के समय दुर्घटना से बचाने के लिए रेडियम बेल्ट पहनाने की प्रक्रिया बरेली में चल रही है। बदायूं में अभियान शुरू हुआ है। शाहजहांपुर व पीलीभीत में बजट के अभाव में अभी लंबित है। शाहजहांपुर में 10 के सापेक्ष पांच गोशालाएं बन चुकी हैं। तकनीकी जांच के बाद हैंडओवर किया जाएगा। मंडल में 26 गोशालाएं एनजीओ द्वारा संचालित हैं, जिसमें 12 अस्थायी, 14 वृहद गो संरक्षण केंद्र हैं। एनजीओ संचालित गोशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। पीलीभीत की गोशालाओं में 100 प्रतिशत कैमरे लग गए। बदायूं, बरेली व शाहजहांपुर में इस दिशा में कार्य हो रहा है।
बैंकों में 8628 आवेदनों की पत्रावलियां फंसी हैं
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा में पाया कि मंडल का वार्षिक लक्ष्य 7800 है। 11236 पत्रावलियां बैंकों को भेजी गईं, जिनमें से 2608 आवेदन स्वीकृत हुए हैं। 2242 लोगों को ऋण वितरण किया गया। 8628 आवेदनों की पत्रावलियां फंसी हैं। योजना में प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जनपद बरेली 7वें स्थान पर है।
पूर्ण परियोजनाओं की इनवेंट्री सीडीओ को उपलब्ध कराएं, समिति करेगी जांच
- कमिश्नर ने 50 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की समीक्षा की और शुरू न होने वाली परियोजनाओं के कारणों के बारे में जानकारी लेकर जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। हस्तांतरित न होने वाली परियोजनाओं में निर्देश दिए कि पूर्ण कार्यों की इनवेंट्री संबंधित मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराएं, उसकी जिला स्तरीय समिति से जांच कराई जाएगी। इसके बाद हस्तांतरण की कार्रवाई होगी। बैठक में 50 करोड़ रुपये के ऊपर के कार्यों की भी समीक्षा की, जिसमें दातागंज में राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना और बरेली में सेटेलाइट बस अड्डे की स्थापना का कार्य शुरू न होने की स्थिति में पाया।