जागरण टुडे, बरेली
छांगुर बाबा की तरह बरेली के भुता थाना क्षेत्र के गांव फैजनगर स्थित मदरसे में धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के निशाने पर किशोर से लेकर पीएचडी स्कॉलर तक रहते थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक जरूरतमंद की मदद करके उसे, उसकी मां और बहन का धर्मांतरण कराया था। एक किशोर को नशेड़ी बना दिया। यह सब करने के लिए गिरोह को फंडिंग कहां से होती थी, इसकी जांच खुफिया विभाग और पुलिस कर रही है।
पुलिस लाइंस बरेली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि अलीगढ़ निवासी अखिलेश कुमारी ने उसके जन्मांध शिक्षक बेटे प्रभात को धर्म परिवर्तन के लिए बहकाने का आरोप लगाते हुए भुता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण की जांच शुरू की गई तो धर्मांतरण कराने वाले गिरोह की कई कहानियां सामने आईं।
मदरसे में छापे के दौरान पुलिस को आरोपियों के कब्जे से इस्लाम धर्म से जुड़ीं करीब 30 किताबें, जाकिर नाइक की सीडी, पाकिस्तान के स्कॉलर के तकरीरों की ऑडियो और सीडी, धर्म परिवर्तन के सर्टिफिकेट, चार पासबुक, चार पेन ड्राइव, पासपोर्ट, चेकबुक, लैपटॉप, डीवीडी राइटर, सफेद मोती की माला, गले में पहनने वाला ताबीज, सफेद मुस्लिम टोपी बरामद हुई है।
शिक्षक का व्यवहार बदलने पर मां को हुआ शक
एसपी दक्षिणी ने बताया कि प्रभात की मां ने पुलिस को बताया कि प्रभात का स्थानांतंरण बरेली राजकीय इंटर कॉलेज में हो गया था। इस कारण परिजन उससे कम मिलने आते थे। जब बरेली आए तो उसके व्यवहार में बदलाव दिखा। मां का कहना था कि उसे लगा कि मुकदमे की वजह से परेशान है, लेकिन जब उसे फोन पर बात करते हुए सुना तो वह मुस्लिम नाम लेकर बात करता था। साथ ही ज्यादातर व्हाट्सएपप पर बात करता था। इसके बाद इसका स्थानान्तरण बरेली से जहांगीराबाद बुलन्दशहर हो गया। जहां पर उनकी मां उसके साथ रहने लगी। वहां पर उन्हें जानकारी हुई कि यह धर्मांतरण कराने वाले गिरोह में फंस गया है।
शादी कराने का झांसा देकर किया ब्रेनवॉश
मां ने बताया कि इसे शादी कराने का झांसा देकर धर्मांतरण कराने के लिए लोग लगे हुए हैं। वह चारों आरोपियों से बात करता था। पूछने पर बताता था कि अब्दुल मजीद, महमूद बेग, सलमान और आरिफ उसके बरेली के दोस्त हैं। तीन अगस्त को यह अब्दुल मजीद का नाम लेकर उससे बात कर रहा था, उस समय धर्म परिवर्तन की बात हो रही थी। प्रभात मजीद से पूछ रहा था कि तुम्हारा बहनोई पीयूष जिसे तुमने मुसलमान अली बनवाकर अपनी बहन आयशा का निकाह किया था, वह जेल क्यों चला गया। 15 अगस्त के बाद उसका फोन बंद आने लगा। बाद में बात होने पर पता चला कि वह फैजनगर भुता में है। वहां पहुंची तो मदरसे में चारों बैठे थे। बेटे के विषय में पूछने पर बताया कि वह अब हामिद बन गया है। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।
बृजपाल को अब्दुल्ला और ऊषा रानी को अमीना बनाया
एसपी दक्षिणी ने बताया कि पुलिस जांच में पता चला कि मामला महज प्रभात के धर्म परिवर्तन तक सीमित नहीं है। पुलिस को मौके से बृजपाल साहू नाम के शख्स का धर्मांतरण प्रमाण पत्र बरामद हुआ। साथ ही बृजपाल की मदद कर उसका धर्म परिवर्तन कर अब्दुल्ला बना दिया गया। उनकी मां ऊषा रानी को अमीना बना दिया गया, जबकि बहन राजकुमारी की मुस्लिम शख्स से शादी कर आयशा नाम रख दिया गया है।
एक नाबालिग लड़के का धर्म परिवर्तन कराने कोशिश की गई थी। इतना ही नहीं किशोर को नशेड़ी बना दिया गया। इसके बाद उसका खतना कराना चाहते थे मगर कामयाब नहीं हुए। सुभाषनगर क्षेत्र के कोचिंग संचालक बृजपाल सबसे पहले इस गैंग के चंगुल में फंसे। गिरोह ने पहले उनका ब्रेनवॉश किया और उनकी शादी एक मुस्लिम लड़की से कराई। फिर पूरे परिवार को निशाना बनाया।
आरोपियों के बैंक खाते, लाखों रुपये जमा मिले
सबसे बड़ा खुलासा गिरोह के सरगना अब्दुल मजीद को लेकर पुलिस ने किया। अब्दुल मजीद के पांच बैंक खाते चला रहे हैं। इसमें तीन उसके नाम और दो पत्नी के नाम से चल रहे थे। इन खातों में दो हजार से ज्यादा लेनदेन होने के साथ 13 लाख रुपये जमा हैं, जबकि सलमान के नाम पर 12 खाते चल रहे थे। कोई खास आय का जरिया नहीं होने के चलते पुलिस मानकर चल रही है कि धर्मांतरण के इस खेल में बड़े पैमाने पर अवैध फंडिग की जा रही थी, जबकि अन्य आरोपियों के भी बैंक खाते मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
आरोपी मजीद का बरेली के हर कोने में है नेटवर्क
अब्दुल मजीद की यात्राओं का विवरण भी पुलिस ने निकाला। इसके मुताबिक उसने देश के एक दर्जन से ज्यादा राज्यों में यात्रा की। इनमें गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल कर्नाटक, पुदुचेरी, आंध्र प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि धर्मांतरण गिरोह के तार भारत के बाहर व दूसरे राज्यों में भी जुड़े हो सकते हैं। क्राउड फंडिंग के लिए मजीद ने देश भर में यात्राएं की हैं। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि रहपुरा चौधरी का रहने वाला महमूद बेग फरार है। इसकी तलाश में टीमों को लगाया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
मुख्य आरोपी अब्दुल मजीद का कराया गया था धर्मांतरण
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अब्दुल मजीद का भी धर्मांतरण कराया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपी अब्दुल का कहां और किसने धर्मांतरण कराया था। इतना ही नहीं अब्दुल मजीद भुता के फैजनगर में मदरसा चलाता है। आगरा में धर्म परिवर्तन के मामले में हाल ही में गिरफ्तार आरोपी अली का अब्दुल मजीद बहनोई है। इस वजह से आगरा गैंग से भी इस गैंग का तार जुड़ गया है।इस मदरसे में 2014 से लोगों का ब्रेन वॉश कर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
एसएसपी अनुराग आर्य का कहना है कि धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कई लोगों का धर्मांतरण करा चुके हैं। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों का ब्योरा जुटाकर तलाश की जा रही है। इन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो नजीर बनेगी।