शहर के सहावर गेट राधाकृष्ण मंदिर, बडी होली जयजयराम मोहल्ला, बाल्मीकि बस्ती, सिटी मोहल्ला, चित्र गुप्ता काँलोनी, गंगेश्वर काँलोनी, पाल नगर, दुर्गा काँलोनी, अशोक नगर के अलावा तीन हजार मंदिरो, घरों और पूजा पंडालों को
सजाया गया है। यहां प्रतिमा एक दिन पहले ही आ गई थी, लेकिन प्राण-प्रतिष्ठा बुधवार को हुई। शाम को आरती के समय काफी भीड़ रही। इन पांच दिनों तक प्रात: गणपति की वंदना के साथ भजन एवं संध्या आरती पूजन के साथ प्रसाद वितरण किया जाता है। गणपति बप्पा की प्रतिमा इको फ्रेंडली यानी मिट्टी की होती है, जो आसानी से विसर्जित हो जाती है। इसका हमारे नदियों-तालाबो पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।