ओमकार गंगवार, मीरगंज (बरेली)
उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करते हुए बरेली के मीरगंज क्षेत्र में लंबे समय से टाटा कंपनी का डुप्लीकेट नमक खुलेआम बेचा जा रहा था। गुरुवार को इसका भंडाफोड़ तब हुआ जब टाटा कंपनी की मुंबई से आई विशेष टीम ने पुलिस के साथ संयुक्त छापामार कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक दुकानों से भारी मात्रा में नकली नमक बरामद किया। इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
टाटा साल्ट कंपनी, मुंबई के नरीमन से आए अधिकारी अजय कुमार पुत्र जगनिवास सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि मीरगंज क्षेत्र में टाटा नमक की आड़ में नकली पैकेट बेचे जा रहे हैं। सूचना के आधार पर की गई जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस को साथ लेकर मीरगंज कस्बे और हुरहुरी अड्डे पर स्थित सात दुकानों पर दबिश दी गई। कार्रवाई में दुकानों से लगभग 400 पैकेट (प्रत्येक एक किलो) नकली नमक बरामद किया गया।
जांच के दौरान किसी भी दुकानदार ने नमक खरीदने के कागजात प्रस्तुत नहीं किए। वहीं, पैकेट पर दर्ज बारकोड फर्जी निकला और पैकिंग में इस्तेमाल पॉलिथीन मानक से अलग और हार्ड क्वालिटी की पाई गई। नमक के रंग में भी भिन्नता स्पष्ट नजर आई। इससे पुष्टि हो गई कि दुकानों पर बेचा जा रहा नमक पूरी तरह डुप्लीकेट था।
कंपनी अधिकारी ने यह भी खुलासा किया कि मीरगंज क्षेत्र में एक विशेष सप्लायर दुकानों पर नकली नमक की सप्लाई करता है, जिसके नेटवर्क के चलते यह कारोबार फल-फूल रहा था। इस पूरे मामले में कंपनी टीम की ओर से सात दुकानदारों और एक सप्लायर के खिलाफ नामजद तहरीर मीरगंज कोतवाली में दी गई है।
मीरगंज कोतवाली प्रभारी प्रयागराज सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और कॉपीराइट एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अब इस गोरखधंधे की जड़ों तक पहुंचने के लिए आगे की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नकली नमक का कारोबार लंबे समय से चल रहा था, लेकिन खुलासा पहली बार हुआ है। इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं में भी जागरूकता बढ़ी है और लोगों ने प्रशासन से इस तरह की जांच नियमित रूप से कराने की मांग की है।