नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में ‘यू-स्पेशल’ बस सेवा की फिर से शुरुआत कर दी। फिलहाल 25 इलेक्ट्रिक बसें 25 से अधिक मार्गों पर चलेंगी, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के 67 कॉलेजों, जेएनयू, आईआईटी दिल्ली और अन्य संस्थानों तक जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने यह सेवा बंद कर दी थी, जबकि यह बसें कभी विश्वविद्यालय की ‘‘जीवन रेखा’’ मानी जाती थीं। हजारों छात्र-छात्राएं रोजाना इन बसों से कॉलेज आते-जाते थे। उन्होंने कहा कि अब यह सेवा फिर शुरू होकर युवाओं को न सिर्फ सुविधा देगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगी। सभी बसें इलेक्ट्रिक और वातानुकूलित हैं तथा इनमें सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए गए हैं।
गुप्ता ने कहा कि बसें कॉलेज समय के अनुसार चलेंगी ताकि छात्रों को अधिकतम सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार छात्रों की मांग पर मेट्रो में रियायती पास उपलब्ध कराने के विकल्प पर गंभीरता से काम कर रही है।
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि इन बसों में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। छात्र क्यूआर कोड स्कैन करके अपने पसंदीदा गाने सुन सकेंगे। बसों में रेडियो और संगीत की व्यवस्था होगी ताकि यात्रा उबाऊ न लगे। दिल्ली परिवहन निगम ने इस अभियान का नाम रखा है ‘‘बस कर बडी’’, जो युवाओं को बस से भावनात्मक रूप से जोड़ने की पहल है।
गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में ‘यू-स्पेशल’ बस सेवा बंद कर दी गई थी। अब इसे फिर से शुरू कर राजधानी के छात्रों को बड़ी राहत दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इन बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार दिल्ली को आगे ले जाने और लोगों का जीवन आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।