ओमकार गंगवार,मीरगंज (बरेली)
jagrantoday.in
उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करते हुए मीरगंज क्षेत्र में लंबे समय से नकली टाटा नमक की सप्लाई का गुरुवार को भंडाफोड़ हुआ। मुंबई स्थित टाटा साल्ट कंपनी की दिल्ली से आई विशेष टीम ने पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में डुप्लीकेट नमक बरामद किया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
टाटा साल्ट कंपनी, मुंबई के नरीमन प्वाइंट कार्यालय से आए अधिकारी अजय कुमार पुत्र जगनिवास सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि मीरगंज क्षेत्र में टाटा साल्ट की आड़ में नकली पैकेट बेचे जा रहे हैं। जांच के बाद आरोप सही पाए गए। सूचना के आधार पर पुलिस टीम के साथ मीरगंज कस्बा और हुरहुरी अड्डे पर स्थित सात दुकानों पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान दुकानों से करीब 400 नकली पैकेट (प्रत्येक एक किलो) बरामद हुए। साथ ही मीरगंज कस्बे के मेवात मोहल्ला स्थित एक गोदाम से भी जखीरा जब्त किया गया।
जांच में पाया गया कि किसी भी दुकानदार के पास माल खरीदने के वैध कागजात नहीं थे। पैकेट पर छपा बारकोड फर्जी निकला और पैकिंग में इस्तेमाल पॉलिथीन मानक से अलग, हार्ड क्वालिटी की थी। नमक के रंग में भी स्पष्ट अंतर नजर आया। इससे साफ हो गया कि बाजार में बिक रहा नमक पूरी तरह डुप्लीकेट था। कंपनी अधिकारी ने खुलासा किया कि मीरगंज में एक विशेष सप्लायर का नेटवर्क दुकानों तक यह नकली नमक पहुंचा रहा था।
इस गोरखधंधे में शामिल सप्लायर गिरीश गुप्ता पुत्र रामौतार गुप्ता (मोहल्ला टीचर कालोनी, मीरगंज) के अलावा तोताराम पुत्र प्रेमचंद, राजू गुप्ता पुत्र राममूर्ति, धर्मेंद्र पुत्र कुवर सेन (निवासी हुरहुरी), मुर्तजा पुत्र इवने, आफताब आलम पुत्र निजामुद्दीन, भगवानदास और बसीम पुत्र सहीद (सभी निवासी मीरगंज) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
मीरगंज कोतवाली प्रभारी प्रयागराज सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस गोरखधंधे की जड़ों तक पहुंचने के लिए आगे की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।