विकास श्रीवास्तव, बदायूं
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं द्वारा मदर पब्लिक स्कूल में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुमारी की अध्यक्षता में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
शिविर में विद्यालय की छात्राओं को दो टीमों में बांटकर खो-खो और कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं में ओजस्वी, प्रतिज्ञा, अनवेशा और दिव्याशी को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एडीजे श्रीमती शिव कुमारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं बल्कि अनुशासन, टीमवर्क, धैर्य और नेतृत्व जैसे जीवन मूल्यों को भी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल से भारत का गौरव बढ़ाया और आज भी उनके समर्पण और खेल भावना से प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि हमें यह प्रण लेना चाहिए कि खेलों को जीवन का हिस्सा बनाकर शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखें। जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण भागीदारी और खेल भावना होती है। साथ ही उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय रूप से भाग लें और एक स्वस्थ, अनुशासित जीवन की ओर बढ़ें। शिविर में छात्राओं को यह भी बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का हनन होता है तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं या संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करा सकता है। साथ ही टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल कर कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
एडीजे ने छात्राओं से अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने, वृक्षारोपण करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन कार्यालय से श्रीमती छवि वैश्य, डीएलएसए का स्टाफ, असिस्टेंट एलएडीसीएस सुश्री कशिश सक्सेना, पराविधिक स्वयंसेवक और विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ. दीपाशिखा पंत सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा। इस दौरान आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (13 सितम्बर 2025) की जानकारी भी दी गई और लोगों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलह समझौते के माध्यम से वादों के निस्तारण का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।