चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर में अतिवृष्टि से हाहाकार
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में शुक्रवार तड़के बादल फटने और अतिवृष्टि ने कहर बरपा दिया। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर में मूसलाधार बारिश से नाले उफान पर आ गए और भूस्खलन से कई घर मलबे में दब गए। इन घटनाओं में दंपती समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों से लगातार संपर्क बनाए हुए है।
बागेश्वर जिले में बड़ा नुकसान, चमोली में दंपती की मौत
कपकोट क्षेत्र के पौसारी गांव में शुक्रवार तड़के तीन बजे पहाड़ी से मलबा आने से आधा दर्जन घर दब गए। मलबे में दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। थराली तहसील के देवाल क्षेत्र के मोपाटा गांव में भारी बारिश और भूस्खलन में 60 वर्षीय कमला देवी और उनके पति 62 वर्षीय तारा सिंह की जान चली गई। इस हादसे में दो अन्य लोग घायल हुए हैं।
रुद्रप्रयाग में बादल फटा
बसुकेदार और जखोली ब्लॉक के कई गांवों—तालजामण, छेनागाड़, बड़ेथ, स्यूरं, किमाणा और अरखुंड—में पौने चार बजे बादल फटने से तबाही हुई। मकान और गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। मलबे में दबकर सरिता देवी की मौत हो गई, जबकि सते नेगी, कुलदीप नेगी, राज बुगाना, नीरज और चार अन्य श्रमिक लापता बताए जा रहे हैं।
टिहरी में नुकसान, जनहानि नहीं
टिहरी जिले के बालगंगा क्षेत्र के गेंवाली गांव में भी अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ, हालांकि जनहानि की कोई सूचना नहीं है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव अभियान चला रही हैं। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय में शिफ्ट किया जा रहा है।