श्री राधाष्टमी पर्व और स्वामी श्री हरिदास आविर्भाव महोत्सव के पावन अवसर पर रविवार को ठा. बांकेबिहारी मंदिर में भव्य रासलीला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान विशेष रूप से बेनी (वेणु) गूथन लीला का मंचन होगा, जो अपने आप में अद्वितीय और दर्शनीय माना जाता है।
दोपहर दो से शाम पांच बजे तक होंगे विशेष दर्शन
आमतौर पर बांकेबिहारी मंदिर में प्रतिदिन राजभोग आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। राधाष्टमी के अवसर पर भक्तों को विशेष सौभाग्य मिलेगा। इस दिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रासलीला महोत्सव के दौरान मंदिर के पट दर्शन के लिए खुले रहेंगे।
आयोजन की परंपरा
मंदिर सेवायत अटल बिहारी गोस्वामी और मयंक गोस्वामी बंटू महाराज के नेतृत्व में इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। मयंक गोस्वामी ने बताया कि वर्ष 2002 से लगातार इस रासलीला महोत्सव का आयोजन ठाकुरजी के समक्ष मंदिर प्रांगण में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर की विशेषता है कि यहां आराध्य के समक्ष कोई मधुर संगीत ध्वनि, घंटे-घड़ियाल आदि नहीं बजते। लेकिन राधाष्टमी के दिन रासलीला मंचन के दौरान सुमधुर वाद्य और गायन की गूंज मंदिर परिसर में सुनाई देती है। यह अनोखा अवसर साल में केवल एक बार ही मिलता है।
कलाकार करेंगे भावपूर्ण मंचन
बेनी गूथन लीला का मंचन रामश्याम लीला संस्थान के कलाकारों द्वारा किया जाएगा। आयोजन समिति ने बताया कि यह लीला भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण चित्रण करेगी और भक्तों को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी। राधाष्टमी एवं स्वामी हरिदास आविर्भाव महोत्सव पर बांकेबिहारी मंदिर में देशभर से भक्त जुटते हैं। इस मौके पर होने वाली बेनी गूथन लीला देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।