राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत के.एम. मेडिकल कॉलेज, पाली डूंगर सौंख में शुक्रवार को विशेष संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केएमयू के कुलाधिपति एवं मथुरा जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने कहा कि “टीबी हारेगा, देश जीतेगा केवल नारा नहीं बल्कि संकल्प है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति दृढ़ निश्चय कर ले तो क्षय रोग उन्मूलन का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।”
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सलाहकार डॉ. मानस शर्मा ने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण हेतु उच्च जोखिम समूहों की पहचान जरूरी है। उन्होंने बताया कि संभावित रोगियों का बलगम परीक्षण और आवश्यकता अनुसार चेस्ट एक्स-रे कराना ही टीबी उन्मूलन की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। केएम मेडिकल कॉलेज के वाइस चांसलर डॉ. एन.के. प्रजापति ने कहा कि कॉलेज की ओपीडी में आने वाले प्रत्येक मरीज की स्क्रीनिंग राष्ट्रीय मानकों के अनुसार की जा रही है ताकि संभावित रोगियों का समय पर उपचार सुनिश्चित हो सके।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एस.पी. राठौर ने जानकारी दी कि क्षय रोग कार्यक्रम के अंतर्गत सभी सुविधाएँ पूरी तरह निःशुल्क हैं। साथ ही उपचाराधीन मरीजों को 1000 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता भी दिया जाता है। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने क्षय रोग के लक्षण, उच्च जोखिम समूह, नाट टेस्ट की उपयोगिता, मरीजों को गोद लेने की योजना और समय पर सही उपचार की आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी।
📌 टीबी के प्रमुख लक्षण
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दो सप्ताह से अधिक लगातार खाँसी
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खाँसी में खून आना
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वज़न घटना व भूख न लगना
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लगातार बुखार रहना
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रात में पसीना आना
📌 निःशुल्क उपलब्ध सुविधाएं (एनटीईपी के अंतर्गत)
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बलगम व नाट टेस्ट
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चेस्ट एक्स-रे
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सभी दवाएँ
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₹1000 प्रतिमाह पोषण भत्ता
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“गोद लो टीबी मरीज” योजना का लाभ
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग केंद्र मथुरा से शिव कुमार, आलोक तिवारी, अखिलेश दीक्षित और पंकज यादव उपस्थित रहे। वहीं के.एम. मेडिकल कॉलेज की ओर से प्राचार्य डॉ. पी.एन. भिसे, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अभय सूद, चेस्ट व टीबी विभाग के डॉ. मनन बेदी और डॉ. रवि कुन्तल सहित सभी विभागाध्यक्षों व जूनियर रेज़िडेंट चिकित्सकों ने भाग लिया।