थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के ग्राम नगला एक व्यक्ति के साथ जनसेवा केंद्र संचालक ने हजारों रूपये का फर्जीवाड़ा कर दिया। ठगी का शिकार हुए पीड़ित ने थाने में तहरीर दी, लेकिन कोर्ई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई के लिए पीड़ित लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है।
गांव नगला खेमी निवासी योगेंद्र कुमार पुत्र सुरेन्द्र पाल सिंह के साथ जनसेवा केन्द्र संचालक द्वारा हजारों रुपये का फर्जीवाड़ा करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की, लेकिन कार्रवाई न होने पर वह लगातार थाना सिढ़पुरा के चक्कर काटने को मजबूर हैं।जानकारी के अनुसार पीड़ित योगेंद्र कुमार ने अपने भाई राजीव कुमार की आर्टिका गाड़ी के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर UP87 AT 0320 का परमिट टैक्स कटवाने के लिए 10 जून 2025 को सूरज जन सेवा केन्द्र के प्रोपराइटर प्रिंस कुमार को फोन किया।
प्रिंस कुमार ने टैक्स 5980 रुपये बताते हुए अपने मोबाइल नंबर 8950724565 पर गूगल पे के जरिए भुगतान करने को कहा। पीड़ित योगेंद्र ने बताए गए नंबर पर राशि भेज दी।
आरोप है कि इसके बाद प्रिंस कुमार ने कंप्यूटर से फर्जी दस्तावेज तैयार कर व्हाट्सएप पर भेज दिए। जब उक्त दस्तावेज दूसरे जनसेवा केन्द्र पर चेक कराए गए तो उन्हें फर्जी पाया गया। मामले की शिकायत करने पर आरोपी ने पीड़ित का फोन काट दिया और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया।
उधर, गाड़ी का परमिट टैक्स न कटने से वाहन पर लगातार चालान हो रहे हैं। पीड़ित योगेंद्र ने थाना सिढ़पुरा में तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पीड़ित का कहना है कि दो बार आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिला है। करीब ढाई महीने से लगातार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद थानाध्यक्ष पवन कुमार द्वारा उन्हें टालमटोल कर गुमराह किया जा रहा है।पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से मामले में जल्द न्याय दिलाने और दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।