मथुरा। मयूर कुंज जन जीवन सेवा संस्था ट्रस्ट के तत्वावधान में पावन यमुना तट स्थित प्राचीन श्री गोपाल मंदिर प्रांगण में रविवार को पर्यावरण एवं जीव-जंतु संरक्षण विषय पर एक जन जागरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य जनमानस को प्रेरित कर गांव-गांव, गली-गली और नगर-महानगरों तक पर्यावरण, पशु-पक्षी, गौवंश एवं जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश पहुंचाना रहा।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में अनियोजित शहरीकरण और पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव ने वृक्षों, वनों और जीव-जंतुओं पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। भारतीय सनातन संस्कृति में पशु-पक्षियों, वृक्षों और गौवंश को पूजनीय मानकर उनके संरक्षण और संवर्धन का विचार दिया गया था, लेकिन आज जनमानस इन मान्यताओं से दूर होता जा रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि जीव-जंतु और पर्यावरण सुरक्षित नहीं होंगे तो मानव जीवन का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा।
वक्ताओं ने संकल्प लिया कि ब्रजमंडल चौरासी कोस तीर्थ क्षेत्र सहित पूरे भारत में व्यापक जन संपर्क अभियान चलाकर पर्यावरण और जीव संरक्षण के महत्व को समाज तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है।
गोष्ठी में संस्कृत भारती के जनपद अध्यक्ष आचार्य ब्रजेंद्र नागर, बृज पर्यावरण संरक्षण परिषद के महामंत्री व पूर्व पार्षद रामदास चतुर्वेदी, संस्था की संरक्षक सुनीता यादव, कोषाध्यक्ष कमल यादव, रजनी शर्मा, वैष्णवी चतुर्वेदी, परमवीर शर्मा, सीमा यादव (गाजियाबाद), हरस्वरूप यादव, जितेंद्र चतुर्वेदी व्यास, अनुराग चतुर्वेदी, सतीश चतुर्वेदी, सर्वेश चतुर्वेदी और तीर्थ पुरोहित बनवारी लाल चतुर्वेदी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
गोष्ठी का संचालन आचार्य आशीष चतुर्वेदी, ब्रज क्षेत्र संयोजक (मयूर कुंज जन जीवन सेवा संस्था ट्रस्ट) ने किया।