लखनऊ। राजधानी के गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा गांव में रविवार दोपहर अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ। करीब 12 बजे हुए इस धमाके से दो मकान खंडहर में तब्दील हो गए और आसपास के पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में फैक्ट्री संचालक आलम (50) और उसकी पत्नी मुन्नी (48) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हुए हैं। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनी गई। धमाके के बाद लगातार कई विस्फोट हुए जिससे फैक्ट्री के पास का एक और मकान ढह गया। सूचना पर जिलाधिकारी विशाख जी., जेसीपी कानून-व्यवस्था बबलू कुमार, पुलिस बल, अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया।
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने आठ से अधिक लोगों को बाहर निकाला जिनमें आलम, मुन्नी, उनका बेटा इरशाद, पड़ोसी नदीम, इरम, जैद, हूरजहां, जिशान और जियान शामिल थे। सभी को नजदीकी निजी अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने आलम और मुन्नी को मृत घोषित कर दिया। इरशाद, नदीम और हूरजहां को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जबकि बाकी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
राहत कार्य चल ही रहा था कि सात घंटे बाद एक और धमाका हुआ जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। इस विस्फोट में एक मवेशी की मौत हो गई। प्रशासन ने क्षेत्र को सील कर दिया है और अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालन की जांच शुरू कर दी है। गांव वालों का कहना है कि अवैध फैक्ट्री की सूचना कई बार प्रशासन को दी गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब इस हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।