जागरण टुडे, बरेली
भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (IRMS) के वरिष्ठ अधिकारी और वर्तमान में अनुसंधान डिज़ाइन एवं मानक संगठन (RDSO) के महानिदेशक श्री उदय बोरवणकर ने 01 सितम्बर 2025 को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक का अतिरिक्त पदभार ग्रहण कर लिया।
वाराणसी से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री बोरवणकर वर्ष 1985 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित प्रतिष्ठित स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिस (SCRA) बने। इसके बाद उन्होंने भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियरिंग संस्थान, जमालपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। तत्पश्चात मुंबई से स्नातकोत्तर (एमबीए) किया। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स, आईएसबी हैदराबाद और बोक्कोनो स्कूल ऑफ बिजनेस (मिलान) से बिजनेस मैनेजमेंट तथा ऑस्ट्रिया के ग्राज विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।
35 वर्षों के अपने लंबे कार्यकाल में श्री बोरवणकर ने मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे, रेलवे बोर्ड के साथ-साथ प्रतिनियुक्ति पर खान मंत्रालय एवं नागपुर मेट्रो (महा मेट्रो) में कई चुनौतीपूर्ण पदों पर उल्लेखनीय सेवाएँ दी हैं। वे अपर मंडल रेल प्रबंधक/नागपुर, कार्यकारी निदेशक/रेलवे बोर्ड, नागपुर मेट्रो में परिचालन एवं प्रबंधन प्रमुख, मंडल रेल प्रबंधक/भोपाल तथा दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे एवं पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
अगस्त 2024 से आरडीएसओ के महानिदेशक के रूप में वे भारतीय रेल में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में "कवच" (स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली), वंदे भारत ट्रेनें, हाइड्रोजन ट्रेन, एआई एवं ड्रोन आधारित तकनीक (DAS) जैसे अनेक महत्वपूर्ण नवाचार लागू किए गए हैं।
तकनीकी और प्रबंधकीय नेतृत्व के अलावा श्री बोरवणकर एक अच्छे पाठक और प्रख्यात वक्ता भी हैं। उन्हें जैविक खेती, फोटोग्राफी और भारतीय संगीत में गहरी रुचि है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और गुणवत्ता प्रणाली प्रबंधन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक का पदभार संभालने के बाद उनके नेतृत्व में रेलवे की सेवाओं और यात्री सुविधाओं में और तेजी से सुधार की उम्मीद की जा रही है।