सड़क हादसों में होने वाली मौतें रोकने को लेकर योगी सरकार बेहद गंभीर है। लोगों की जान बचाने के लिए शासन ने एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया है। बरेली समेत पूरे उत्तर प्रदेश में सोमवार 01 सितंबर से नो हेलमेट-नो फ्यूल विशेष अभियान शुरू हो गया। मगर अधिकांश पेट्रोल पंप वाले शासन के इस अभियान को ठेंगा दिखाकर मनमानी कर रहे हैं। अभियान के पहले दिन सोमवार को बरेली जिले में बगैर हेलमेट पहुंचे दुपहिया वाहन चालकों को बिना किसी रोकटोक के पेट्रोल दिया गया। खास बात यह कि सीसी टीवी कैमरों की नजर से बचने के लिए पंप कर्मचारी फ्यूल डालते समय वाहन चालक को अपना हेलमेट पहना देते हैं, पेट्रोल भरने के बाद हेलमेट वापस ले लेते हैं।
शासन के निर्देश पर नो हेलमेट-नो पेट्रोल अभियान पहले भी चल चुका है। तब पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक काफी सख्त रहे थे। शासन-प्रशासन की कार्रवाई से खुद और अपने ग्राहकों को बचाने के लिए पंप संचालकों ने नया रास्ता निकाला। तमाम पंप मालिकों ने हेलमेट खरीदकर रख लिए, जिससे बगैर हेलमेट आने वालों को भी पेट्रोल देने पर कोई दिक्कत नहीं हुई।
बगैर हेलमेट आने वाले वाहन चालक को पंप कर्मचारी अपना हेलमेट लगा देता था। पेट्रोल डालने के बाद हेलमेट वापस ले लिया जाता था। यह सिलसिला कुछ दिन चला। फिर धीरे-धीरे प्रशासन और पुलिस नो हेलमेट-नो पेट्रोल की बात को भूल गए। फिर तो पंपो पर बिना हेलमेट पेट्रोल दिया जाने लगा। अब 01 सितंबर से शासन के निर्देश पर नो हेलमेट-नो फ्यूल विशेष अभियान चला है, जो 30 सितंबर तक चलेगा।
अभियान के पहले दिन सोमवार को पेट्रोल पंपों पर हालात बदले-बदले नजर आए। नो हेलमेट-नो फ्यूल लिखा बैनर सभी पंपों पर लटका दिया गया, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। बगैर हेलमेट आने वालों को पंप से लौटाया नहीं गया, बल्कि पंप वालों ने पुराना तरीका शुरू कर दिया। बरेली जिले के तमाम पंपों पर जो लोग बगैर हेलमेट के पहुंचे उनमें किसी को बैरंग नहीं लौटाया गया। पंप वालों ने अपना हेलमेट लगवाया, वाहन में पेट्रोल भरा और चलता कर दिया।
हालांकि अफसरों का दावा है कि नो हेलमेट-नो पेट्रोल अभियान अभियान के पहले दिन जिले में ट्रैफिक पुलिस अलर्ट रही। बरेली के चारों जोनों में जोन प्रभारी और सहायक प्रभारी के नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीमें शहर के अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर पहुंचीं। जहां पंप संचालकों को आदेश की जानकारी दी गई। पुलिस का दावा है कि इन टीमों ने पंप संचालकों को सहयोग दिया, और वाहन चालकों को जागरूक भी किया।
एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि सड़क हादसे में दुपहिया वाहन चालकों की 90 प्रतिशत मौत बगैर हेलमेट की वजह से होती हैं। लोगों की जान बचाने के लिए नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान शुरू किया गया है। पंप वाले केवल पेट्रोल बेचने के लिए अपना हेलमेट दे रहे हैं तो यह पूरी तरह गलत है। नियमों का उल्लंघन करने वाले पंपों की चेकिंग कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।