Saturday, January 31, 2026

राष्ट्रपति संदर्भ पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: केवल संविधान की व्याख्या करेंगे, राज्यों से जुड़े मामले पर नहीं गौर

लेखक: Jagran Today | Category: राष्ट्रीय | Published: September 3, 2025

राष्ट्रपति संदर्भ पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: केवल संविधान की व्याख्या करेंगे, राज्यों से जुड़े मामले पर नहीं गौर

सीजेआई गवई बोले- अनुच्छेद 200 में ‘यथाशीघ्र’ शब्द का कोई मतलब नहीं अगर राज्यपाल अनंतकाल तक विधेयक रोक लें

नई दिल्लीसुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति को भेजे जाने वाले विधेयकों (प्रेसिडेंट रेफरेंस) पर सुनवाई के दौरान अदालत केवल संविधान के प्रावधानों की व्याख्या करेगी। प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने कहा कि अदालत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना या कर्नाटक जैसे राज्यों से जुड़े मामलों पर विचार नहीं कर रही है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि यदि विपक्षी पक्ष आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के उदाहरण देंगे, तो उन्हें जवाब दाखिल करना पड़ेगा। इस पर सीजेआई गवई ने कहा कि अदालत केवल संविधान की व्याख्या करेगी, किसी राज्य विशेष के मामले पर नहीं।

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि जब राज्यपाल अनुच्छेद 200 के तहत विधेयक को वापस विधानसभा भेजते हैं और विधानसभा उसे न पारित करने का फैसला ले, तो वह विधेयक स्वतः विफल हो जाता है। सीजेआई ने पूछा कि यदि राज्यपाल विधेयक को रोक लें और वापस ही न भेजें, तो क्या होगा? इस पर सिंघवी ने कहा कि उस स्थिति में पूरी प्रक्रिया रुक जाएगी।

अदालत ने कहा कि अनुच्छेद 200 का वाक्यांश “यथाशीघ्र” तब निरर्थक हो जाएगा, जब राज्यपाल अनिश्चितकाल तक विधेयक पर रोक लगा दें। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऐसे हालात में न्यायपालिका शक्तिहीन रह जाएगी और क्या संवैधानिक पदाधिकारी धन विधेयक तक रोक सकते हैं।

क्या है अनुच्छेद 200?
अनुच्छेद 200 राज्यपाल को यह शक्ति देता है कि वे विधानसभा से पारित विधेयक को मंजूरी दें, अस्वीकृत करें, पुनर्विचार के लिए लौटाएं या राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखें। यदि विधानसभा पुनर्विचार के बाद विधेयक दोबारा पारित करती है तो राज्यपाल उस पर सहमति रोक नहीं सकते। (अमृत विचार अखबार)

No ads available.

Get In Touch

BDA COLONY HARUNAGLA, BISALPUR ROAD BAREILLY

+91 7017029201

sanjaysrivastav1972@gmail.com

Follow Us

© 2026 Jagran Today. All Rights Reserved.