एबीवीपी छात्रों की पिटाई मामले में कमिश्नर-आईजी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई, विवि प्रशासन पर भी एफआईआर के निर्देश
लखनऊ। बाराबंकी के श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में एबीवीपी छात्रों की बर्बर पिटाई के बाद मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई की है। अयोध्या के कमिश्नर राजेश कुमार और आईजी प्रवीण कुमार ने जांच रिपोर्ट भेजी, जिसके आधार पर सीओ सिटी बाराबंकी हर्षित चौहान और नगर कोतवाल आरके राणा को तत्काल प्रभाव से हटाकर विभागीय जांच व निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, गदिया चौकी प्रभारी समेत सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
सोमवार को एलएलबी कोर्स की मान्यता पर सवाल उठाने को लेकर एबीवीपी छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस और बाहरी अराजकतत्वों ने छात्रों की जमकर पिटाई की थी। इसमें 22 छात्र घायल हुए। जवाबी झड़प में सीओ सिटी समेत पांच पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। इसके बाद एबीवीपी ने बाराबंकी, लखनऊ विश्वविद्यालय और विधानसभा के पास जोरदार प्रदर्शन किया।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई जांच रिपोर्ट में पुलिस की भूमिका और बाहरी तत्वों की संलिप्तता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एडीजी लखनऊ जोन ने भी पुष्टि की कि सीओ और कोतवाल पर विभागीय जांच के साथ निलंबन की कार्रवाई शुरू हो गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी गिरी गाज
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि विवि प्रशासन ने समय से एलएलबी कोर्स का नवीनीकरण नहीं कराया, जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हुआ। प्रवेश के समय अवैध वसूली और छात्रों की मांगों को दबाने के लिए बाहरी तत्वों का सहयोग लेना गंभीर अपराध है। इसके चलते विवि प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। (सोर्स- अमृत विचार)