गणेश महोत्सव का समापन गुरुवार को भव्य विसर्जन यात्रा के साथ हुआ। यात्रा की शुरुआत मोहल्ला गंगा दरवाज़ा से की गई, जो नगर के मुख्य मार्गों – मैंने मार्केट, मातादीन चौराहा और गांधी मूर्ति चौराहा होते हुए नगला पड़ाव से कंपिल गंगा जी के लिए प्रस्थान कर गई। सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। गणेश प्रतिमा के समक्ष भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
विसर्जन शोभायात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की धुन पर भक्त झूमते नजर आए। अबीर-गुलाल की बौछार और 'गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। यात्रा जहां-जहां से गुजरी, वहां श्रद्धालु गणपति बप्पा की आराधना में डूबे दिखे।
शहरवासियों ने गणेश प्रतिमाओं को अलग-अलग माध्यमों से घाट तक पहुंचाया। कोई कार से, कोई रिक्शे से और कई लोग पैदल ही प्रतिमाओं को लेकर गंगा तट पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गणेश जी के कानों में मनोकामनाएं फूंकी और भावपूर्ण विदाई दी। इस दौरान लोग गणेश प्रतिमा के साथ सेल्फी और फोटो लेते हुए भी नजर आए।
विसर्जन स्थल पर भक्तों ने पुष्पवर्षा कर गजानन को विदाई दी। माहौल में भक्ति और भावुकता का संगम देखने को मिला। गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को गंगा जी में विसर्जित करते हुए लोगों ने अगले वर्ष फिर से बप्पा के आगमन की कामना की।
भक्तों की भीड़ और शोभायात्रा की भव्यता ने नगर में एक अद्वितीय धार्मिक माहौल बना दिया। गणेश महोत्सव के इस समापन अवसर पर हर तरफ आस्था, उल्लास और भावनाओं की गूंज सुनाई दी।