जागरण टुडे, मथुरा। दिल्ली से यमुना में पानी छोड़े जाने के बाद जनपद मथुरा में नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज कर दी है। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना ने तहसील महावन के अंतर्गत अकोस शेल्टर होम, ग्राम पंचायत नगला अकोस और ग्राम नेरा का दौरा किया। उनके साथ संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने और हर स्थिति पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन है। इस दौरान बाढ़ सुरक्षा को लेकर की गई तैयारियों का जायजा भी लिया गया।
सीडीओ ने अधिकारियों से संभावित आपात स्थिति से निपटने की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशील गांवों में पहले से ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही तहसील प्रशासन को निर्देश दिए गए कि बाढ़ प्रभावित हो सकने वाले इलाकों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे नौकाएं, चिकित्सा दल, पीने का पानी, खाद्यान्न और पशुओं के लिए चारा समय रहते सुनिश्चित कर लिया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को आदेश दिया गया है कि वे लगातार निगरानी रखें और किसी भी स्थिति की तत्काल रिपोर्ट उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं।
गौरतलब है कि दिल्ली से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण मथुरा जिले के कई निचले इलाकों पर खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की पूरी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। सीडीओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।