शहर के मिशन चौराहा स्थित वात्सल्य अस्पताल में गुरुवार को प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। इससे गुस्साए महिला के परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
गंगीरी थाना क्षेत्र के नगला सुमेर निवासी संजय ने बताया कि उनकी 28 वर्षीय पत्नी रिंकी सात माह की गर्भवती थीं। गुरुवार की शाम करीब चार बजे उन्हें पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें डॉ. मुकेश के वात्सल्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। संजय के मुताबिक अस्पताल में रिंकी ने समय से पहले बच्चे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद उनका रक्तस्राव शुरू हो गया। आरोप है कि रक्तस्राव पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई और अस्पताल में ही उनकी मौत हो गई।
संजय का कहना है कि उनकी पत्नी की मौत अस्पताल में ही हो चुकी थी, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें गुमराह करते हुए कहा कि रिंकी को अलीगढ़ रेफर किया जा रहा है। बाद में परिजनों को यह जानकर झटका लगा कि मृतका का शव फिर से अस्पताल पर ही लाकर रख दिया गया। इस पर परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हंगामा करने लगे।
घटना की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर प्रवेश राणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इंस्पेक्टर ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं परिजन अस्पताल प्रशासन के खिलाफ तहरीर देने की तैयारी में हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में प्रसव जैसी गंभीर स्थितियों में अक्सर लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन उन पर सख्त कार्रवाई नहीं होती। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।