चैयरमेन के लाख प्रयास के बावजूद सफाई व्यवस्था में नहीं हो सका सुधार
घर से 50, दुकानो से 100, रेस्टोरेंट से 500 और हांस्पिटलो से लिए जा रहे हैं दो हजार रूपये
जागरण टुडे, कासगंज।
गुड्डू यादव
सदर नगर पालिका क्षेत्र में डोर टू डोर कूडा उठाने वाली सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। प्रति माह 18 लाख खर्च के बाबजूद जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जबकि शहर वासियों से साफ सफाई के नाम पर प्रतिमाह के हिसाब से रसीद काटी जा रही है।
सदर नगर पालिका क्षेत्र में 25 वार्ड हैं। शहर की आबादी करीब एक लाख से अधिक है। सभी वार्डो से करीब 20 टन कूडा घरों से निकलता है।नगर पालिका ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत डोर टू डोर घर घर से कूडा कलेक्शन करने के लिए एक फरवरी को 20 वाहनो को डीएम, सदर विधायक देवेन्द्र राजपूत, पालिका चैयरमेन मीना माहेश्वरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, ताकि शहर स्वच्छ और साफ सुथरा दिखे। इसकी जिम्मेदारी एक फरवरी को आयुषी हाइजीन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दी गई थी। इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था पर ग्रहण लग गया है। बस्तियों में खाली प्लाट और जगह जगह पडी गंदगी शहर वासियो को परेशान कर रही। बीमारी को बढावा दे रही है।
पालिका द्वारा बांटे गये डस्टबिन गायब
पालिका द्वारा बाजारों में बांटे गये डस्टबिन अब गायब हो गये हैं। शहर की सफाई व्यवस्था प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है, जबकि पालिका द्वारा आयुषी कंपनी को डोर टू डोर कूडा उठाने के लिए 18 से 20 लाख रूपय प्रतिमाह खर्च कर रही है।
उगाई के नाम पर समाजसेवी ने किया विरोध
शहर के समाज सेवी हरवीर सिंह भारतीय ने बताया शहर गंदगी के बीच बजबजा रहा है। पालिका द्वारा डोर टू डोर कूडा कलेक्शन करने के नाम पर घर घर से 50 रूपये, दुकानों से 100, रेस्टोरेंट से पांच और हांस्पिटलो से दो हजार के करीब लिया जा रहा है, जोकि गलत है। शहर वासियो की जैब पर डांका डाला जा रहा है। इसे किसी कीमत पर लागू होने नहीं दिया जायेगा।
वर्जन
नगर पालिका चैयरमेन मीना माहेश्वरी ने बताया शहर की साफ सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका गंभीर है, डोर टू डोर कूडा कलेक्शन वालों को चेतावनी दी गई है, कि वह अपने कार्यशैली में परिवर्तन लाए, अन्यथा पालिका से भुगतान नहीं किया जाएगा। पहले भी भुगतान को रोका जा चुका है। शहर को साफ सुथरा करने के लिए पालिका द्वारा बेहतर कदम उठायें जायेंगे।