जागरण टूडे, वृंदावन। वृषभानु दुलारी श्रीराधारानी का छठी महोत्सव शुक्रवार को वृंदावन के बड़ा रासमंडल में भव्य धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष मंगला आरती, श्रृंगार, बधाई समाज गायन, फूल बंगला और विविध मनोरथों का आयोजन हुआ।
श्री राधावल्लभ संप्रदाय के प्रमुख स्थल गोविंद घाट स्थित बड़ा रासमंडल में प्रातःकालीन समाज में श्रीजी का बधाई गायन महंत लाड़ली शरण महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। बधाई गायन का निर्देशन राकेश मुखिया ने किया, जिसमें समाजियों और संत परिकर ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढांढी-ढांढिन ने भी नृत्यमय बधाई प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
श्रीजी को इस दिन विशेष रूप से फूल बंगले में विराजमान किया गया, जहां छप्पन भोग का निवेदन किया गया। पूरा परिसर "राधा प्यारी ने जन्म लियौ है", "कीरत किशोरी ने जन्म लियौ है" जैसे भक्तिमय जयकारों से गूंज उठा। हर ओर भक्ति और उल्लास का वातावरण छा गया।
कार्यक्रम में मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज, चतुःसंप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद के पूर्व अध्यक्ष सच्चिदानंद महाराज, महंत सुंदर दास महाराज, महंत कमल दास, महंत फूलडोल बिहारीदास सहित अनेक संत महात्माओं ने श्रीजी के छठी उत्सव में भाग लेकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया और बधाइयां दीं।
इस अवसर पर रासमंडल परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा। दूर-दूर से आए भक्तों ने राधारानी की छठी महोत्सव में शामिल होकर अपने को धन्य माना। भक्तों ने भक्ति संगीत, समाज गायन और पुष्पों से सजे बंगले का दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।
भक्तिमय वातावरण और संत-समाज की उपस्थिति ने इस छठी महोत्सव को और भी भव्य बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा बल्कि वृंदावन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को भी नई ऊर्जा प्रदान करता दिखा।