जागरण टुडे, बरेली। जिले के भोजीपुरा स्थित ए वन हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान घोर लापरवाही सामने आई है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर अस्पताल सील कर दिया गया है। लापरवाही के आरोप में डॉक्टरों और अस्पताल मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जनसुनवाई के दौरान डीएम को मिली थी शिकायत
जिलाधिकारी के समक्ष जनसुनवाई के दौरान भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव दहिया निवासी ताहिर खान और उनकी पत्नी पेश हुए। ताहिर ने बताया कि 3 जून 2025 को उनकी पत्नी की डिलीवरी ए वन हॉस्पिटल में कराई गई थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, लेकिन लापरवाही के चलते नवजात की मौत हो गई। महिला को पांच दिन तक अस्पताल में भर्ती रखने के बाद छुट्टी दे दी गई।
घर आने के बाद उनकी पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। ऑपरेशन के दौरान लगाए गए टांकों से पस और खून आने लगा। दिक्कत बढ़नेपर महिला को अन्य डायग्नोस्टिक सेंटर पर ले जाया गया। वहां पता चला कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान गोचपीच (ब्लड सफाई का कपड़ा) पेट में ही छोड़ दिया और सिलाई कर दी। इससे गंभीर संक्रमण फैल गया।
पीड़ित के शिकायत करने पर अस्पताल मालिक ने धमकाकर भगाया
ताहिर के मुताबिक उन्होंने अस्पताल मालिक शहवाज से शिकायत की और डॉक्टरों के नाम पूछे, तो वह आगबबूला हो गया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पीड़ित को भगा दिया। हालत गंभीर होने पर ताहिर ने पत्नी का इलाज बीसलपुर रोड स्थित एक अन्य प्राइवेट अस्पताल में कराया। जहां डॉक्टरों को बच्चेदानी निकालनी पड़ी और पेट से कपड़ा निकाला गया। इस पूरे ऑपरेशन की वीडियो क्लिप भी पीड़ित के पास मौजूद है।
अस्पताल मालिक और डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर
जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सीएमओ को अस्पताल सील कराने और मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ विश्राम सिंह की टीम ने शनिवार को छापा मारकर अस्पताल सील कर दिया। साथ ही सीडीओ ने उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. लईक अहमद अंसारी और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शैव्या प्रसाद की दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू करा दी है।