जागरण टुडे,कासगंज:
पुरखों की आत्मा की शांति और मुक्ति करने के लिए एक पखवाड़े तक चलने वाला पितृ पक्ष रविवार से शुरू हो गया। पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पहुंच कर सब परिवार सहित गंगा स्नान कर तर्पण किया। लोगों ने सोरों, लहरा, कछला कादरगंज गंगा घाट कर पहुंच जलदान करके पितरों का तर्पण किया।
पितरों को तर्पण करने के लिए एक दिन पूर्व गंगा घाट सोरों, लहरा, कादरगंज, शहवाजपुर आदि गंगा घाटों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रविवार को लोगों ने विधि विधान से श्राद्ध पूजा आयोजित की। ब्राह्मणो एवं साधु, संतो को भोज कराया । दान दक्षिणा वस्त्र आदि सामान दिया। श्याम वराह घाट पर विद्वान आचार्य प्रियांशु द्विवेदी, सूर्यकुंड पर सरवन महीदर, वंशी महीदर ने जलदान कराया।
पुरोहितों ने राजस्थान , मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं से पिंडदान व तर्पण कराया। श्रद्धालुओं ने हरिपदी की परिक्रमा लगाते हुए मंदिरों में स्थापित देवी देवताओं के दर्शन किये।
श्रद्धालुओं की भीड़ का लगा तांता
श्राद्ध पक्ष पर गंगा स्नान को पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़ आलम यह था कि सड़क मार्ग पर गंगा की ओर आने जाने वाले वाहनों में ठसाठस यात्री भरे हुए नजर आ रहे थे। श्राद्ध पक्ष में आज प्रतिपदा का श्राद मनाया जाएगा।
ये कहना है जानकारो का
सोरों के विद्वान डां. राधाकृष्ण दीक्षित ने बताया कि पितृ पक्ष में हमारे पूर्वजों की आत्मा की आत्म हमारे निवास स्थल पर आती है। श्रद्धा से उनका अन्न, प्रसाद, या तर्पण से स्वागत करना, उन्हें परम तृष्टि देना उनके प्रति श्रद्धा है। वह आशीर्वाद में हमें, हमें अपनी उन्नति, वैभव समृद्धि और परिवार में शांति भाईचारे की समरसता बनी रहने का प्रसाद के रूप में देते हैं।