टीईटी अनिवार्यता आदेश पर पुनर्विचार हेतु ज्ञापन देंगे शिक्षक संघ
जागरण टुडे, कासगंज।
गत सप्ताह प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य टीईटी के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले से हलचल मची हुई है। एनसीटीई ने 29 जुलाई सन् 2011 को कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी अनिवार्य किया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य है। यह नियम उन शिक्षकों पर भी लागू होता है जिनकी नियुक्ति टीईटी अधिसूचना जारी होने से पूर्व की है।
उक्त आदेश से संपूर्ण शिक्षक वर्ग खासा निराश है। इसी क्रम में शिक्षक शिक्षिकाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा मानवीय आधार पर टीईटी अनिवार्यता आदेश पर पुनर्विचार हेतु आगामी 10 सितंबर को जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह ज्ञापन सुशील कुमार पांडे अध्यक्ष अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आव्हान पर जनपदीय शाखा द्वारा प्रेषित किया जाएगा।
शुभनेश यादव अध्यक्ष, मुनेश राजपूत महामंत्री, दिलीप यादव उपाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने जनपद के समस्त शिक्षकों से एकजुट होकर ज्ञापन कार्यक्रम सफल बनाने की अपील की है।